स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना - इनक्यूबेटर्स के लिए (SISFS-FI)
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के तहत पात्र इनक्यूबेटरों को शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को फंड देने के लिए ₹5 करोड़ तक का अनुदान दिया जाता है। इसके अतिरिक्त इनक्यूबेटर को संचालन और निगरानी के लिए 5% प्रबंधन शुल्क भी मिलता है। इसके लिए स्टार्टअप इंडिया पोर्टल पर वर्ष भर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Ministry Of Commerce And Industry |
| स्तर | केंद्र सरकार |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
लाभ
- चयनित इनक्यूबेटर को तीन या अधिक किश्तों में ₹5 करोड़ तक का माइलस्टोन-आधारित अनुदान।
- प्रशासनिक खर्च, स्टार्टअप चयन और निगरानी के लिए कुल सीड फंड अनुदान का 5% अतिरिक्त प्रबंधन शुल्क।
- स्वीकृत कुल राशि की 40% तक की पहली किश्त का अग्रिम आवंटन।
- स्टार्टअप्स को प्रोटोटाइप और ट्रायल के लिए ₹20 लाख तक का अनुदान देने का अधिकार।
- स्टार्टअप्स को बाजार में प्रवेश और विस्तार के लिए ऋण या डिबेंचर के माध्यम से ₹50 लाख तक का निवेश देने का प्रावधान।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- सोसायटी, ट्रस्ट, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी या वैधानिक निकाय के रूप में पंजीकृत होना अनिवार्य।
- सरकारी सहायता प्राप्त इनक्यूबेटर कम से कम 2 वर्षों से कार्यरत होने चाहिए।
- गैर-सरकारी सहायता प्राप्त इनक्यूबेटर कम से कम 3 वर्षों से कार्यरत होने चाहिए और पिछले 2 वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
- कम से कम 25 व्यक्तियों के बैठने की भौतिक सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
- आवेदन की तिथि पर सरकारी सहायता प्राप्त इनक्यूबेटर में कम से कम 5 और गैर-सहायता प्राप्त में कम से कम 10 स्टार्टअप भौतिक रूप से इनक्यूबेट होने चाहिए।
- पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और अनुभवी मेंटरिंग टीम का होना आवश्यक है।
जरूरी दस्तावेज
- संस्था का कानूनी पंजीकरण प्रमाण पत्र (कंपनी, ट्रस्ट या सोसायटी रजिस्ट्रेशन)
- संस्था का पैन (PAN) कार्ड
- बोर्ड संकल्प, प्राधिकरण पत्र या पावर ऑफ अटॉर्नी
- अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का आधार कार्ड
- केंद्र या राज्य सरकार से वित्तीय सहायता का प्रमाण (यदि लागू हो)
- पिछले दो वर्षों की ऑडिट की गई वार्षिक रिपोर्ट
- इनक्यूबेटर और स्टार्टअप के बीच हुए अनुबंध
- इनक्यूबेशन केंद्र और सुविधाओं की तस्वीरें
- पूर्णकालिक कर्मचारियों और नेतृत्व दल के बायोडाटा (CV)
- इनक्यूबेटर पिच डेक और फंड उपयोग योजना
आवेदन कैसे करें
- 1आधिकारिक पोर्टल seedfund.startupindia.gov.in पर जाएं।
- 2यदि पहले से पंजीकृत नहीं हैं, तो स्टार्टअप इंडिया पोर्टल पर अपनी संस्था का विवरण दर्ज कर पंजीकरण करें।
- 3लॉगिन करने के बाद सीड फंड योजना के तहत 'इनक्यूबेटर' विकल्प का चयन करें।
- 4आवेदन फॉर्म में इनक्यूबेटर की क्षमता, टीम विवरण और फंड आवंटन योजना भरें।
- 5मांगे गए सभी आवश्यक कानूनी और वित्तीय दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करें।
- 6फॉर्म को ऑनलाइन जमा करें और डैशबोर्ड के माध्यम से आवेदन की स्थिति ट्रैक करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस योजना के तहत इनक्यूबेटर को कितना अनुदान मिल सकता है?+
चयनित इनक्यूबेटर को ₹5 करोड़ तक का अनुदान और साथ में 5% प्रबंधन शुल्क दिया जाता है।
आवेदन करने का शुल्क कितना है?+
इस योजना में आवेदन करने के लिए कोई शुल्क नहीं है, यह प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है।
क्या इस अनुदान से इनक्यूबेटर भवन या लैब का निर्माण किया जा सकता है?+
नहीं, इस अनुदान का उपयोग बुनियादी ढांचे या भवन निर्माण के लिए नहीं किया जा सकता, यह केवल स्टार्टअप्स को देने के लिए है।
फंड खर्च करने के लिए इनक्यूबेटर को कितना समय मिलता है?+
पहली किश्त मिलने की तारीख से 3 वर्ष के भीतर पूरा फंड उपयोग करना होता है, जिसमें से कम से कम 50% पहले 2 वर्षों में खर्च होना चाहिए।
क्या आवेदन खारिज होने के बाद दोबारा अप्लाई किया जा सकता है?+
हाँ, आवेदन अस्वीकृत होने के 3 महीने बाद आवश्यक सुधार करके दोबारा आवेदन किया जा सकता है।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)