प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY)
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पहली बार औपचारिक क्षेत्र में नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15,000 तक की वित्तीय सहायता और नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजन पर मासिक सब्सिडी दी जाती है। यह राशि सीधे बैंक खाते में दो किस्तों में भेजी जाती है। इसके लिए प्रतिष्ठान ईपीएफओ पोर्टल पर पंजीकरण करते हैं और कर्मचारी उमंग ऐप के माध्यम से यूएएन प्रमाणीकरण पूरा करते हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Ministry Of Labour and Employment |
| स्तर | केंद्र सरकार |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
लाभ
- पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए कुल ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
- पहली किस्त छह महीने के औसत ईपीएफ वेतन के आधे के बराबर (अधिकतम ₹7,500) मिलती है।
- दूसरी किस्त बारह महीने के औसत वेतन के आधार पर कुल ₹15,000 की सीमा तक दी जाती है और बचत खाते में सुरक्षित रखी जाती है।
- नियोक्ताओं को दो वर्ष तक अतिरिक्त कर्मचारियों पर वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है, जो विनिर्माण क्षेत्र के लिए चार वर्ष तक मान्य है।
- ₹10,000 तक वेतन वाले अतिरिक्त कर्मचारियों पर नियोक्ता को ₹1,000 प्रति माह तक की सहायता मिलती है।
- ₹10,001 से ₹20,000 तक वेतन वाले नए कर्मचारियों पर नियोक्ता को ₹2,000 प्रति माह दिए जाते हैं।
- ₹20,001 से ₹1,00,000 तक वेतन वाले नए कर्मचारियों पर नियोक्ता को ₹3,000 प्रति माह दिए जाते हैं।
- नियोक्ता को लाभ की राशि छह महीने के ईसीआर दाखिल करने के बाद एकमुश्त पैन से जुड़े बैंक खाते में दी जाती है।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- कर्मचारी योजना शुरू होने से पहले ईपीएफओ या किसी छूट प्राप्त ट्रस्ट का अंशदाता सदस्य नहीं होना चाहिए।
- कर्मचारी का प्रतिष्ठान में कार्यभार ग्रहण 01.08.2025 से 31.07.2027 के बीच होना चाहिए।
- नौकरी जॉइन करते समय कर्मचारी का सकल मासिक वेतन ₹1,00,000 तक होना चाहिए।
- कर्मचारी को उमंग ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक से अपना यूएएन सत्यापित करना अनिवार्य है।
- प्रतिष्ठान द्वारा लगातार छह महीने तक ईसीआर और अंशदान जमा किया गया होना चाहिए।
- मौसमी उद्योग के कर्मचारियों को उसी प्रतिष्ठान में लगातार छह महीने तक कार्यरत रहना आवश्यक है।
- 50 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को कम से कम 2 नए रोजगार सृजित करने होंगे।
- 50 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को कम से कम 5 नए रोजगार सृजित करने होंगे।
जरूरी दस्तावेज
- प्रतिष्ठान का स्थायी खाता संख्या (PAN) विवरण
- वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (GSTN) विवरण
- प्रतिष्ठान का पंजीकरण प्रमाण पत्र
- मासिक इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न (ECR) रसीदें
- प्रतिष्ठान का पैन-लिंक्ड बैंक खाता विवरण
- कर्मचारी का आधार-सीडेड बैंक खाता विवरण
- आधार से सत्यापित यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN)
- उमंग ऐप पर फेशियल ऑथेंटिकेशन रिकॉर्ड
आवेदन कैसे करें
- 1चरण 1: नियोक्ता आधिकारिक पोर्टल pmvbry.epfindia.gov.in पर जाकर प्रतिष्ठान का पंजीकरण शुरू करें।
- 2चरण 2: पोर्टल पर नियोक्ता अपना पैन, जीएसटीएन और पैन से जुड़े बैंक खाते की जानकारी दर्ज करें।
- 3चरण 3: कर्मचारी उमंग मोबाइल ऐप डाउनलोड करके फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से अपने आधार और यूएएन को जोड़ें।
- 4चरण 4: नियोक्ता हर महीने सभी पात्र कर्मचारियों का ईसीआर और भविष्य निधि अंशदान समय पर ऑनलाइन जमा करें।
- 5चरण 5: लगातार छह महीने के ईसीआर फाइलिंग पूरी होते ही सिस्टम पात्रता जांचकर प्रोत्साहन राशि जारी करेगा।
- 6चरण 6: पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी ईपीएफओ पोर्टल पर अनिवार्य वित्तीय साक्षरता कोर्स पूरा करें ताकि दूसरी किस्त प्राप्त हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नए कर्मचारियों को कुल कितनी राशि मिलती है?+
नए कर्मचारियों को दो किस्तों में कुल ₹15,000 तक की वित्तीय सहायता डीबीटी के माध्यम से मिलती है।
कर्मचारी के लिए अधिकतम वेतन सीमा क्या है?+
नौकरी जॉइन करते समय कर्मचारी का सकल वेतन ₹1,00,000 प्रति माह तक होना चाहिए।
नियोक्ता को लाभ पाने के लिए कितने नए पद बनाने होंगे?+
50 से कम कर्मचारियों वाली फर्म को न्यूनतम 2 और 50 या अधिक कर्मचारियों वाली फर्म को न्यूनतम 5 अतिरिक्त रोजगार सृजित करने होंगे।
दूसरी किस्त पाने के लिए कौन सा कोर्स करना जरूरी है?+
कर्मचारियों को ईपीएफओ पोर्टल पर उपलब्ध वित्तीय साक्षरता कोर्स (Financial Literacy Course) पूरा करना होगा।
नियोक्ता को कितने समय तक प्रोत्साहन राशि मिलती है?+
सामान्य प्रतिष्ठानों को 2 वर्ष तक और विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिष्ठानों को 4 वर्ष तक यह सब्सिडी मिलती है।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)