जनजातीय उत्पादों के विकास और विपणन हेतु संस्थागत सहायता योजना (ISDMTP/P)
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
यह योजना जनजातीय उत्पादों के विकास और विपणन के लिए राज्य जनजातीय निगमों और संस्थाओं को 100% सहायता अनुदान देती है। इसके तहत अनुसूचित जनजाति के संग्राहकों और कारीगरों को उचित मूल्य, प्रशिक्षण और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाएं मिलती हैं। पात्र संस्थाएं अपने राज्य जनजातीय कल्याण विभाग के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन करती हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Ministry Of Tribal Affairs |
| स्तर | केंद्र सरकार |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन |
लाभ
- जनजातीय उत्पादों के लिए राज्य एजेंसियों द्वारा उचित मूल्य निर्धारण और न्यूनतम समर्थन खरीद
- फसल कटाई के मौसम में कीमतों में गिरावट से सुरक्षा के लिए खरीद व्यवस्था
- शहरी क्षेत्रों में बिक्री केंद्र स्थापित कर जनजातीय उत्पादों की मांग में वृद्धि
- उत्पादों की ग्रेडिंग, मानकीकरण और स्रोत प्रमाणीकरण या पेटेंट में सहायता
- उच्च मूल्य और उपयोगी वस्तुओं के निर्माण के लिए कारीगरों को कौशल और डिजाइन प्रशिक्षण
- पारंपरिक ज्ञान के पेटेंट, अनुसंधान और उत्पाद विकास के लिए वित्तीय सहायता
- वेयरहाउस, ग्रामीण गोदाम और कोल्ड स्टोरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं का निर्माण
- व्यापार सूचना प्रणाली के माध्यम से मूल्य और बाजार की जानकारी साझा करना
- जनजातीय उत्पादों के ब्रांड निर्माण और निर्यात के अनुकूल डिजाइन तैयार करने में सहायता
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (ट्राइफेड)
- राज्य जनजातीय विकास सहकारी निगम
- राज्य वन विकास निगम
- लघु वनोपज व्यापार एवं विकास संघ
- जनजातीय उत्पाद डिजाइन, निर्यात, प्रशिक्षण, अनुसंधान या जीआई प्रमाणीकरण के लिए पहचानी गई संस्थाएं
जरूरी दस्तावेज
- संस्था या निगम का पंजीकरण प्रमाण पत्र
- अधिकृत और चुकता शेयर पूंजी का विवरण
- पिछले तीन वर्षों का टर्नओवर विवरण और वर्तमान वर्ष का अनुमानित टर्नओवर
- पिछले तीन वित्तीय वर्षों के लाभ और हानि का विवरण
- पिछले तीन वर्षों की वार्षिक रिपोर्ट और ऑडिटेड बैलेंस शीट
- इस योजना से पहले प्राप्त अनुदान और लंबित उपयोग प्रमाण पत्र (यूसी) का विवरण
- नोडल विभाग द्वारा मांगा गया कोई अन्य दस्तावेज
आवेदन कैसे करें
- 1चरण 1: कार्यान्वयन एजेंसी वर्तमान वर्ष और भविष्य की योजनाओं के अनुसार बजट सहित एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करती है।
- 2चरण 2: एजेंसी पूर्व में प्राप्त अनुदानों के लिए नियमानुसार उपयोग प्रमाण पत्र (यूसी) संलग्न करती है।
- 3चरण 3: एक प्रमाण पत्र तैयार किया जाता है जिसमें यह प्रमाणित हो कि इस कार्य के लिए किसी अन्य योजना से धन नहीं लिया गया है।
- 4चरण 4: राज्य स्तरीय एजेंसियां अपना प्रस्ताव अपने राज्य के जनजातीय या कल्याण विभाग में ऑफलाइन जमा करती हैं।
- 5चरण 5: राज्य विभाग प्रस्ताव की समीक्षा करके उसे जनजातीय कार्य मंत्रालय को भेजता है (ट्राइफेड अपना प्रस्ताव सीधे मंत्रालय को भेजता है)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?+
इसका उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों की आजीविका सुधारने के लिए उनके उत्पादों के विपणन और विकास में संस्थागत सहयोग देना है।
इस योजना के तहत वित्तीय सहायता कौन प्रदान करता है?+
यह जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 100% सहायता अनुदान के रूप में दी जाती है।
क्या कोई जनजातीय कारीगर व्यक्तिगत रूप से आवेदन कर सकता है?+
नहीं, यह सहायता केवल ट्राइफेड और राज्य जनजातीय निगमों जैसी कार्यान्वयन संस्थाओं को दी जाती है।
योजना के तहत कौन-सी बुनियादी सुविधाएं बनाई जाती हैं?+
इसके तहत गोदाम, वेयरहाउस, प्रसंस्करण इकाइयां और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाएं स्थापित की जाती हैं।
क्या किसी अन्य योजना से वित्तपोषित गतिविधि के लिए इसमें अनुदान मिल सकता है?+
नहीं, जिस कार्य के लिए अन्य स्रोत से धन मिला हो, उसके लिए इस योजना में अनुदान नहीं दिया जाता।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)