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जनजातीय क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण योजना (VTTA)

आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English

संक्षेप में

जनजातीय क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण योजना के तहत अनुसूचित जनजाति (ST) और पीटीजी युवाओं को नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। इस योजना में प्रत्येक प्रशिक्षु को ₹700 प्रतिमाह वजीफा, नि:शुल्क आवास-भोजन और मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र मिलता है। इच्छुक संस्थाएं राज्य समिति के माध्यम से अथवा सीधे जनजातीय कार्य मंत्रालय में आवेदन करती हैं।

एक नज़र में

मंत्रालय / विभागMinistry Of Tribal Affairs
स्तरकेंद्र सरकार
आवेदन का तरीकाऑफलाइन

लाभ

  • पारंपरिक और आधुनिक व्यवसायों में नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव।
  • प्रशिक्षुओं को ₹700 प्रति माह की दर से वजीफा।
  • प्रशिक्षण पूरा होने पर मान्यता प्राप्त संस्थान द्वारा डिप्लोमा या प्रमाणपत्र।
  • प्रति प्रशिक्षु ₹30,000 प्रति वर्ष के आवर्ती अनुदान के तहत रहने, खाने, बिजली और पानी की व्यवस्था।
  • औजारों और कच्चे माल की खरीद के लिए प्रति प्रशिक्षु ₹1,600 प्रति वर्ष का प्रावधान।
  • प्रशिक्षण के बाद रोजगार और स्व-रोजगार के लिए ऋण व सूक्ष्म वित्त की सुविधा।
  • जनजातीय युवतियों के लिए कम से कम 33% सीटों का आरक्षण।

कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)

  • प्रशिक्षु अनुसूचित जनजाति (ST) या विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PTG) से होने चाहिए।
  • प्रशिक्षु देश के किसी भी राज्य या क्षेत्र के निवासी हो सकते हैं।
  • राज्य सरकारें, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन और स्वायत्त निकाय अनुदान के लिए पात्र हैं।
  • कम से कम 3 वर्षों से पंजीकृत सार्वजनिक ट्रस्ट और निजी मान्यता प्राप्त संस्थान आवेदन कर सकते हैं।
  • जनजातीय कल्याण में कम से कम 3 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंजीकृत स्वयंसेवी संगठन (NGO) पात्र हैं।
  • उद्योग संघ जैसे ASSOCHAM, CII, या FICCI जो प्लेसमेंट योजना के साथ प्रशिक्षण चलाने को तैयार हों।

जरूरी दस्तावेज

  • बजट अनुमान का विवरण
  • लेखापरीक्षक रिपोर्ट सहित ऑडिट किए गए खाते
  • जीएफआर 19(A) प्रारूप में पिछले वर्ष का उपयोगिता प्रमाणपत्र
  • संस्था की वार्षिक रिपोर्ट
  • कर्मचारियों और लाभार्थियों की सूची
  • जिला कलेक्टर या आयुक्त द्वारा हस्ताक्षरित निरीक्षण रिपोर्ट
  • पंजीकरण प्रमाणपत्र, नियम और उप-नियम
  • प्रबंधन समिति के सदस्यों की सूची
  • पीडब्ल्यूडी या सीपीडब्ल्यूडी द्वारा प्रमाणित किराया समझौता या मूल्यांकन प्रमाणपत्र
  • जमानत बांड, प्राधिकरण पत्र और नियमों व शर्तों की स्वीकृति

आवेदन कैसे करें

  1. 1चरण 1: राज्य सरकारें व स्वायत्त संस्थान प्रारूप-I तथा स्वयंसेवी संस्थाएं (NGO) प्रारूप-II जनजातीय कार्य मंत्रालय के पोर्टल से प्राप्त करें।
  2. 2चरण 2: स्वयंसेवी और निजी संस्थाएं आगामी वित्तीय वर्ष के लिए दिसंबर तक राज्य सरकार को अपना आवेदन जमा करें।
  3. 3चरण 3: राज्य सरकार प्रस्ताव को स्वयंसेवी प्रयासों के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति के समक्ष समीक्षा हेतु प्रस्तुत करेगी।
  4. 4चरण 4: राज्य सरकारें और स्वायत्त निकाय अपने प्रस्ताव जनवरी-फरवरी तक सीधे जनजातीय कार्य मंत्रालय को भेजते हैं।
  5. 5चरण 5: जनजातीय युवा प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए अपने नजदीकी व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र (VTC) या जिला जनजातीय कल्याण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनजातीय क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?+

इसका उद्देश्य जनजातीय युवाओं को आधुनिक और पारंपरिक कौशलों में प्रशिक्षित कर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है।

प्रशिक्षुओं को कितना वजीफा मिलता है?+

प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक प्रशिक्षु को ₹700 प्रति माह वजीफा दिया जाता है।

क्या बालिकाओं के लिए सीटों में आरक्षण है?+

हाँ, योजना के तहत यथासंभव कम से कम 33% सीटें जनजातीय बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं।

प्रशिक्षण के बाद कौन सा प्रमाणपत्र मिलता है?+

प्रशिक्षण पूरा होने पर एनसीवीटी या संबंधित मान्यता प्राप्त संस्थान द्वारा प्रमाणपत्र या डिप्लोमा दिया जाता है।

योजना के लिए पारिवारिक आय सीमा क्या है?+

आधिकारिक दिशा-निर्देशों में कोई वार्षिक आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

प्रशिक्षुओं के लिए आयु सीमा क्या है?+

योजना के आधिकारिक विवरण में कोई न्यूनतम या अधिकतम आयु सीमा नहीं दी गई है।

गैर-सरकारी संगठन (NGO) आवेदन कैसे कर सकते हैं?+

एनजीओ को प्रारूप-II में दिसंबर तक राज्य स्तरीय समिति के माध्यम से आवेदन करना होता है।

NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)