यूजीसी-बीएसआर फैकल्टी फेलोशिप योजना
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
यूजीसी-बीएसआर फैकल्टी फेलोशिप योजना विश्वविद्यालय के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय सदस्यों को सेवानिवृत्ति के बाद भी शोध जारी रखने और शोधार्थियों का मार्गदर्शन करने हेतु सहायता देती है। इसके अंतर्गत चयनित प्राध्यापकों को 3 वर्ष या 68 वर्ष की आयु तक ₹50,000 प्रतिमाह और ₹5,00,000 का वार्षिक शोध अनुदान मिलता है। पात्र प्राध्यापक यूजीसी के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Ministry of Education |
| स्तर | केंद्र सरकार |
| आयु | 68 वर्ष तक |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
लाभ
- ₹50,000 प्रतिमाह की वित्तीय सहायता (पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले लाभों के अतिरिक्त)।
- ₹5,00,000 प्रति वर्ष का शोध अनुदान।
- अनुदान का उपयोग उपकरण, कंप्यूटर या लैपटॉप, प्रिंटर, रसायन, कांच के सामान और आकस्मिक खर्चों के लिए किया जा सकता है।
- अनुदान से प्रोजेक्ट या तकनीकी सहायक रखे जा सकते हैं और भारत के भीतर यात्रा व फील्ड वर्क किया जा सकता है।
- शोधकर्ता अपनी आवश्यकतानुसार स्वीकृत मदों में राशि का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र हैं।
- फेलोशिप की अवधि 3 वर्ष या 68 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो) मान्य है।
- यूजीसी द्वारा निर्धारित बैंकों के माध्यम से राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- आवेदक विश्वविद्यालय के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में रीडर, एसोसिएट प्रोफेसर या प्रोफेसर होना चाहिए।
- आवेदक ने बेसिक साइंसेज में कम से कम 15 या इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी में 10 पीएचडी छात्रों का सफल मार्गदर्शन किया हो।
- पिछले 10 वर्षों में कम से कम 5 छात्रों को पीएचडी की डिग्री मिली होनी चाहिए।
- प्रकाशित शोध पत्रों का कुल इम्पैक्ट फैक्टर 50 से अधिक होना आवश्यक है।
- पिछले 10 वर्षों में मुख्य अन्वेषक के रूप में राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वित्तपोषित कम से कम 3 शोध परियोजनाएं पूरी की हों।
- विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्ति की तिथि के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।
- विश्वविद्यालय द्वारा प्रयोगशाला सुविधाएं, प्रशासनिक सहायता और कम से कम दो वजीफा प्राप्त पीएचडी छात्रों के मार्गदर्शन की अनुमति का वचन पत्र देना होगा।
जरूरी दस्तावेज
- यूजीसी द्वारा जारी अवार्ड लेटर।
- जॉइनिंग रिपोर्ट (फेलो का नाम, फोटो, संपर्क विवरण, आधार कार्ड और संस्थान का प्रमाण पत्र)।
- बैंक खाता विवरण (बैंक का नाम, खाता संख्या, आईएफएससी और एमआईसीआर कोड)।
- विश्वविद्यालय का वचन पत्र (सुविधाएं देने और यूजीसी नियमों का पालन करने की पुष्टि)।
- निरंतरता प्रमाण पत्र (अगली किस्त के लिए प्रत्येक 3 माह में प्रस्तुत करना आवश्यक)।
- द्विवार्षिक प्रगति रिपोर्ट, वार्षिक अंकेक्षित खाता विवरण और उपयोगिता प्रमाण पत्र।
आवेदन कैसे करें
- 1यूजीसी के आधिकारिक फेलोशिप पोर्टल पर जाएं।
- 2ऑनलाइन आवेदन पत्र में अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और शोध परियोजनाओं का विवरण दर्ज करें।
- 3विश्वविद्यालय का आवश्यक वचन पत्र और अन्य सहायक दस्तावेज अपलोड करें।
- 4कार्यक्रम के राष्ट्रीय समन्वयक के मूल्यांकन हेतु अपना आवेदन ऑनलाइन जमा करें।
- 5बेसिक साइंटिफिक रिसर्च की अधिकार प्राप्त समिति द्वारा अंतिम चयन निर्णय लिया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यूजीसी-बीएसआर फैकल्टी फेलोशिप के तहत प्रतिमाह कितनी राशि मिलती है?+
इस योजना में ₹50,000 प्रतिमाह फेलोशिप दी जाती है, जो पेंशन के अतिरिक्त होती है।
प्रतिवर्ष कितना शोध अनुदान दिया जाता है?+
फेलो को शोध कार्यों और उपकरणों के लिए ₹5,00,000 प्रतिवर्ष का शोध अनुदान मिलता है।
यह फेलोशिप कितने समय के लिए मिलती है?+
यह फेलोशिप 3 वर्ष की अवधि के लिए या 68 वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो भी पहले हो, प्रदान की जाती है।
पीएचडी मार्गदर्शन के संबंध में क्या नियम हैं?+
आवेदक ने बेसिक साइंसेज में 15 या इंजीनियरिंग में 10 पीएचडी छात्रों का मार्गदर्शन किया हो, जिनमें से कम से कम 5 को पिछले 10 वर्षों में डिग्री मिली हो।
क्या शोध अनुदान से विदेश यात्रा की जा सकती है?+
नहीं, शोध अनुदान का उपयोग अंतरराष्ट्रीय यात्रा या फर्नीचर खरीदने के लिए नहीं किया जा सकता।
क्या फेलोशिप के दौरान प्रशासनिक पद संभाला जा सकता है?+
नहीं, फेलोशिप की अवधि के दौरान कोई भी प्रशासनिक पद या जिम्मेदारी नहीं ली जा सकती।
इस फेलोशिप के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि क्या है?+
यह योजना वर्ष भर खुली रहती है, लेकिन प्राध्यापक को अपनी सेवानिवृत्ति की तिथि से एक वर्ष के भीतर आवेदन करना होता है।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)