स्वामी विवेकानंद सिंगल गर्ल चाइल्ड शोध फेलोशिप 2026
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
यह फेलोशिप सामाजिक विज्ञान में नियमित पीएचडी कर रही इकलौती बेटियों को प्रति माह ₹28,000 तक की वित्तीय सहायता और आकस्मिक अनुदान देती है। परिवार की एकमात्र संतान वाली छात्राएं और ट्रांसजेंडर शोधार्थी अधिकतम पांच वर्षों के लिए इस लाभ की पात्र हैं। इच्छुक उम्मीदवार यूजीसी के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Ministry of Education |
| स्तर | केंद्र सरकार |
| किसके लिए | महिलाएं / बेटियां |
| आयु | 45 वर्ष तक |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
लाभ
- शुरुआती दो वर्षों के लिए ₹25,000 प्रति माह फेलोशिप।
- शेष शोध अवधि के लिए ₹28,000 प्रति माह फेलोशिप।
- पहले दो वर्षों के लिए ₹10,000 प्रति वर्ष आकस्मिक अनुदान।
- शेष अवधि के लिए ₹20,500 प्रति वर्ष आकस्मिक अनुदान।
- दिव्यांग शोधार्थियों के लिए ₹2,000 प्रति माह एस्कॉर्ट अथवा रीडर सहायता।
- सरकारी नियमानुसार मकान किराया भत्ता (एचआरए) या नियमानुसार छात्रावास शुल्क की प्रतिपूर्ति।
- अधिकतम पांच वर्ष या पीएचडी थीसिस जमा करने तक (जो भी पहले हो) वित्तीय सहायता।
- प्रति वर्ष 30 दिनों तक का अवकाश और पूरी फेलोशिप दर पर एक बार मातृत्व अवकाश।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- माता-पिता की इकलौती बेटी होना अनिवार्य है जिसका कोई भाई या बहन न हो (जुड़वां बेटियां भी पात्र हैं)।
- मान्यता प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालय, कॉलेज या संस्थान में सामाजिक विज्ञान विषय में नियमित और पूर्णकालिक पीएचडी में नामांकित होना चाहिए।
- संस्थान यूजीसी अधिनियम की धारा 2(एफ) और 12(बी) के तहत शामिल, डीम्ड, सरकारी वित्तपोषित या राष्ट्रीय महत्व का संस्थान होना चाहिए।
- आवेदन की अंतिम तिथि तक सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए।
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांग वर्ग के लिए अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित है।
- पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले ट्रांसजेंडर उम्मीदवार भी आवेदन करने के पात्र हैं।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- पहचान पत्र
- आयु प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र या दसवीं कक्षा की अंकतालिका)
- बैंक खाता विवरण
- सामाजिक विज्ञान में पूर्णकालिक पीएचडी में पंजीकरण का प्रमाण
- पासपोर्ट आकार का फोटो
- ₹50 के स्टांप पेपर पर इकलौती बेटी होने का शपथ पत्र, जो एसडीएम, प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट या तहसीलदार स्तर के राजपत्रित अधिकारी द्वारा सत्यापित हो
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- ट्रांसजेंडर पहचान पत्र (यदि लागू हो)
आवेदन कैसे करें
- 1यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट (https://www.ugc.gov.in/) पर जारी अधिसूचना देखें।
- 2यूजीसी के ऑनलाइन फेलोशिप पोर्टल पर जाएं।
- 3अपनी बुनियादी और शैक्षणिक जानकारी दर्ज करके नया पंजीकरण करें।
- 4आवेदन पत्र में अपने शोध विषय, पीएचडी प्रवेश और संस्थान से संबंधित विवरण भरें।
- 5इकलौती बेटी होने का शपथ पत्र और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- 6फॉर्म की भली-भांति जांच करें और निर्धारित अंतिम तिथि से पहले ऑनलाइन जमा करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस फेलोशिप के तहत प्रति माह कितनी राशि मिलती है?+
इस योजना में पहले दो वर्षों के लिए ₹25,000 प्रति माह और शेष कार्यकाल के लिए ₹28,000 प्रति माह दिए जाते हैं।
क्या जुड़वां बेटियां इस फेलोशिप के लिए आवेदन कर सकती हैं?+
हां, यदि परिवार में जुड़वां बेटियां हैं तो वे दोनों इस योजना के तहत आवेदन करने की पात्र हैं।
क्या दूरस्थ शिक्षा (डिस्टेंस) से पीएचडी करने वाले छात्र पात्र हैं?+
नहीं, दूरस्थ शिक्षा माध्यम से पीएचडी करने वाली छात्राएं इस योजना के तहत पात्र नहीं हैं।
आवेदन करने के लिए अधिकतम आयु सीमा क्या है?+
सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम आयु 40 वर्ष और आरक्षित श्रेणियों (एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग) के लिए 45 वर्ष है।
क्या इस फेलोशिप के साथ कोई अन्य छात्रवृत्ति ली जा सकती है?+
नहीं, शोधार्थी किसी अन्य स्रोत से फेलोशिप, वेतन या मानदेय प्राप्त नहीं कर सकती; चयन होने पर अन्य लाभ छोड़ना होगा।
चयन के बाद कितने समय के भीतर फेलोशिप में शामिल होना अनिवार्य है?+
अवार्ड लेटर जारी होने की तिथि से तीन महीने के भीतर फेलोशिप जॉइन करना आवश्यक है, अन्यथा चयन रद्द माना जाएगा।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)