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प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना - जम्मू-कश्मीर और लद्दाख विशेष छात्रवृत्ति योजना (PM-USP SSSJKL)

आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English

संक्षेप में

पीएम-यूएसपी एसएसएसजेकेएल योजना के तहत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवाओं को केंद्र शासित प्रदेश से बाहर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए हर साल 5,000 छात्रवृत्तियां दी जाती हैं। इसमें ₹3,00,000 तक की शिक्षण शुल्क प्रतिपूर्ति और ₹1,00,000 वार्षिक रख-रखाव भत्ता दिया जाता है। पात्र छात्र एआईसीटीई के एसएसएसजेकेएल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

एक नज़र में

मंत्रालय / विभागMinistry of Education
स्तरकेंद्र सरकार
आय सीमा₹8 lakh
आवेदन का तरीकाऑनलाइन

लाभ

  • सामान्य डिग्री पाठ्यक्रम: 2,070 छात्रवृत्तियों के लिए ₹30,000 प्रति वर्ष तक शैक्षणिक शुल्क।
  • व्यावसायिक/इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम: 2,830 छात्रवृत्तियों के लिए ₹1,25,000 प्रति वर्ष तक शैक्षणिक शुल्क।
  • मेडिकल/बीडीएस पाठ्यक्रम: 100 छात्रवृत्तियों के लिए ₹3,00,000 प्रति वर्ष तक शैक्षणिक शुल्क।
  • सभी संकायों के लिए ₹1,00,000 प्रति वर्ष का निश्चित रख-रखाव भत्ता (एनएसपी के माध्यम से ₹10,000 की 10 मासिक किस्तों में)।
  • कॉलेज निर्धारित सीमा से अधिक शुल्क छात्रों से नहीं ले सकते हैं।
  • अच्छे आचरण और अनिवार्य उपस्थिति के आधार पर आगामी वर्षों में छात्रवृत्ति का नवीनीकरण।

कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)

  • उम्मीदवार जम्मू और कश्मीर या लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
  • जम्मू-कश्मीर या लद्दाख में स्थित जेकेबीओएसई या सीबीएसई से संबद्ध स्कूल से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
  • परिवार की कुल वार्षिक आय ₹8,00,000 या उससे कम होनी चाहिए।
  • लेटरल एंट्री के लिए मान्यता प्राप्त पॉलिटेक्निक संस्थान से इंजीनियरिंग में डिप्लोमा उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
  • एआईसीटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन और निकटतम सुविधा केंद्र पर दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य है।
  • प्रवेश एआईसीटीई काउंसलिंग अथवा राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं (नीट, जेईई आदि) के माध्यम से होना चाहिए।

जरूरी दस्तावेज

  • जम्मू-कश्मीर या लद्दाख का मूल निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल सर्टिफिकेट)
  • 10वीं और 12वीं कक्षा की अंकतालिका तथा प्रमाण पत्र
  • पॉलिटेक्निक डिप्लोमा प्रमाण पत्र (लेटरल एंट्री उम्मीदवारों के लिए)
  • सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • जाति प्रमाण पत्र (एससी/एसटी/एसईबीसी यदि लागू हो)
  • दिव्यांगता प्रमाण पत्र (दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए)
  • पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर
  • आवंटित संस्थान का सीट आवंटन पत्र और जॉइनिंग रिपोर्ट

आवेदन कैसे करें

  1. 1चरण 1: एआईसीटीई वेबसाइट पर अधिसूचना देखें और राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) पर ओटीआर पंजीकरण पूरा करें।
  2. 2चरण 2: आधिकारिक एसएसएसजेकेएल पोर्टल पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन पत्र भरें।
  3. 3चरण 3: अपने मूल दस्तावेजों और प्रतियों के साथ निकटतम सुविधा केंद्र पर जाकर सत्यापन कराएं।
  4. 4चरण 4: सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त करें और पोर्टल पर अपने पसंदीदा कॉलेज और विषय का चयन (चॉइस फिलिंग) करें।
  5. 5चरण 5: मेरिट सूची के आधार पर एआईसीटीई ऑनलाइन काउंसलिंग में भाग लें।
  6. 6चरण 6: आवंटित कॉलेज में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर प्रवेश लें और जॉइनिंग रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कराएं।
  7. 7चरण 7: छात्रवृत्ति भुगतान के लिए अपने एसएसएसजेकेएल आईडी का उपयोग करके एनएसपी पोर्टल पर प्रक्रिया पूरी करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसएसएसजेकेएल छात्रवृत्ति के लिए कौन पात्र है?+

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मूल निवासी छात्र, जिन्होंने वहां से 12वीं या इंजीनियरिंग डिप्लोमा किया हो और पारिवारिक आय ₹8,00,000 वार्षिक से अधिक न हो।

योजना के तहत कितनी सहायता राशि मिलती है?+

पाठ्यक्रम के अनुसार ₹30,000 से ₹3,00,000 तक कॉलेज फीस और ₹1,00,000 वार्षिक रख-रखाव भत्ता दिया जाता है।

क्या सुविधा केंद्र पर दस्तावेज सत्यापन अनिवार्य है?+

हां, सुविधा केंद्र पर सत्यापन कराए बिना चॉइस फिलिंग और छात्रवृत्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती।

क्या मैनेजमेंट कोटे से प्रवेश लेने वाले छात्र पात्र हैं?+

नहीं, मैनेजमेंट कोटे या एजेंट के माध्यम से प्रवेश लेने वाले छात्र इस योजना के पात्र नहीं हैं।

आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?+

अंतिम तिथि आधिकारिक पोर्टल पर वार्षिक रूप से अधिसूचित की जाती है और स्थायी नियमों में उल्लिखित नहीं है।

रख-रखाव भत्ता कैसे प्राप्त होता है?+

यह भत्ता एनएसपी पोर्टल और पीएफएमएस के माध्यम से छात्र के बैंक खाते में ₹10,000 की 10 मासिक किस्तों में भेजा जाता है।

NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)