पीएम-यशस्वी: ओबीसी, ईबीसी और डीएनटी छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
पीएम-यशस्वी पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत ओबीसी, ईबीसी और डीएनटी वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा पूरी करने के लिए ₹20,000 प्रति वर्ष तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ट्यूशन फीस और शैक्षणिक भत्ते के रूप में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। पात्र छात्र नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल या राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Ministry Of Social Justice and Empowerment |
| स्तर | केंद्र सरकार |
| आय सीमा | ₹2.5 lakh |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
लाभ
- ग्रुप 1 (डिग्री व स्नातकोत्तर व्यावसायिक कोर्स): ₹10,000 शैक्षणिक भत्ता और ₹10,000 ट्यूशन फीस, कुल ₹20,000 प्रति वर्ष।
- ग्रुप 2 (अन्य व्यावसायिक डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स): ₹8,000 शैक्षणिक भत्ता और ₹5,000 ट्यूशन फीस, कुल ₹13,000 प्रति वर्ष।
- ग्रुप 3 (सामान्य स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्स): ₹6,000 शैक्षणिक भत्ता और ₹2,000 ट्यूशन फीस, कुल ₹8,000 प्रति वर्ष।
- ग्रुप 4 (कक्षा 10 के बाद के गैर-डिग्री कोर्स जैसे 11वीं, 12वीं, आईटीआई, पॉलिटेक्निक): ₹5,000 शैक्षणिक भत्ता प्रति वर्ष।
- फ्रीशिप कार्ड की सुविधा, जिससे छात्र बिना अग्रिम ट्यूशन और हॉस्टल फीस दिए संस्थान में प्रवेश ले सकते हैं।
- पत्राचार या ऑनलाइन कोर्स करने वाले छात्रों को भी ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति।
- पूरी छात्रवृत्ति राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए और संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- छात्र अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) या विमुक्त व घुमंतू जनजाति (डीएनटी) से संबंधित होना चाहिए।
- छात्र ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से कम से कम 10वीं (मैट्रिक) या उच्चतर माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
- मान्यता प्राप्त संस्थान में किसी स्वीकृत पोस्ट-मैट्रिक या पोस्ट-सेकेंडरी पाठ्यक्रम में नियमित अध्ययनरत होना अनिवार्य है।
- परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- एक परिवार के अधिकतम दो बालकों को ही छात्रवृत्ति मिलेगी, जबकि बालिकाओं के लिए ऐसी कोई संख्या सीमा नहीं है।
- प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 75% बायोमेट्रिक/आधार आधारित उपस्थिति अनिवार्य है।
- छात्र इस योजना के साथ किसी अन्य योजना से छात्रवृत्ति या वजीफा प्राप्त न कर रहा हो।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- पिछली शैक्षणिक योग्यता की अंकतालिकाएं और प्रमाण पत्र
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध आय प्रमाण पत्र
- मूल निवास प्रमाण पत्र
- जाति या समुदाय प्रमाण पत्र
- आधार से जुड़ा बैंक खाता विवरण
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
आवेदन कैसे करें
- 1नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (scholarships.gov.in) या अपने राज्य के छात्रवृत्ति पोर्टल पर जाएं।
- 2होमपेज पर दिए गए 'New Registration' विकल्प पर क्लिक करें और दिए गए निर्देशों को पढ़ें।
- 3अपना आधार विवरण और आवश्यक व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करके पंजीकरण पूरा करें।
- 4प्राप्त आवेदन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से 'Fresh Application' लिंक पर लॉगिन करें।
- 5उपलब्ध योजनाओं की सूची में से 'PM-YASASVI Post-Matric Scholarship' का चयन करें।
- 6आवेदन फॉर्म में अपना शैक्षणिक, व्यक्तिगत और बैंक खाता विवरण सावधानीपूर्वक भरें।
- 7आय, जाति, निवास और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- 8पूरा फॉर्म जांचने के बाद अंतिम रूप से ऑनलाइन सबमिट करें और प्रिंट आउट सुरक्षित रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीएम-यशस्वी पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पारिवारिक आय सीमा क्या है?+
छात्र के परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
इस छात्रवृत्ति योजना के तहत कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?+
पाठ्यक्रम के समूह के आधार पर छात्रों को प्रति वर्ष ₹5,000 से लेकर ₹20,000 तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
फ्रीशिप कार्ड क्या है?+
यह राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला कार्ड है, जिसकी मदद से छात्र बिना पहले ट्यूशन व हॉस्टल फीस भरे कॉलेज में दाखिला ले सकते हैं।
क्या एक परिवार के सभी बच्चों को यह छात्रवृत्ति मिल सकती है?+
एक परिवार के अधिकतम दो लड़कों को यह लाभ मिल सकता है, लेकिन बालिकाओं के लिए ऐसी कोई सीमा लागू नहीं है।
क्या ऑनलाइन या पत्राचार से पढ़ने वाले छात्रों को भी भत्ता मिलता है?+
ऑनलाइन या दूरस्थ शिक्षा वाले छात्रों को केवल ट्यूशन फीस दी जाती है, वे शैक्षणिक भत्ते के पात्र नहीं हैं।
छात्रवृत्ति राशि का भुगतान कैसे किया जाता है?+
पूरी राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे छात्र के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)