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फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (FFS)

आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English

संक्षेप में

स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम के तहत संचालित फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (FFS) सेबी-पंजीकृत अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) के माध्यम से नए उद्यमों को इक्विटी पूंजी प्रदान करता है। डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप, जिनकी आयु 10 वर्ष से कम और टर्नओवर ₹100 करोड़ के भीतर है, इन फंड्स के जरिए वित्तीय सहायता और मेंटरशिप प्राप्त कर सकते हैं। पात्र एआईएफ आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करते हैं, जबकि स्टार्टअप्स सीधे इन भागीदार एआईएफ से संपर्क करते हैं।

एक नज़र में

मंत्रालय / विभागMinistry Of Commerce And Industry
स्तरकेंद्र सरकार
आवेदन का तरीकाऑनलाइन

लाभ

  • पात्र स्टार्टअप्स के लिए इक्विटी और इक्विटी-आधारित उपकरणों के माध्यम से वित्तीय सहायता।
  • अनुभवी फंड प्रबंधकों द्वारा मेंटरशिप, गवर्नेंस और बाजार संपर्कों की सुविधा।
  • मल्टीप्लायर प्रभाव, जिसके तहत एआईएफ को एफएफएस से मिली राशि का कम से कम दोगुना स्टार्टअप्स में निवेश करना होता है।
  • ₹10,000 करोड़ के कुल सरकारी कॉर्पस के माध्यम से दीर्घकालिक पूंजी की उपलब्धता।
  • स्टार्टअप की साख में वृद्धि, जिससे अन्य निजी निवेशकों से आगे का निवेश जुटाना आसान होता है।

कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)

  • स्टार्टअप उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिए।
  • संस्था भारत में प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, पंजीकृत पार्टनरशिप फर्म या एलएलपी के रूप में पंजीकृत होनी चाहिए।
  • कंपनी के पंजीकरण या निगमन की तिथि से 10 वर्ष से अधिक समय नहीं बीता होना चाहिए।
  • निगमन के बाद से किसी भी वित्तीय वर्ष में वार्षिक टर्नओवर ₹100 करोड़ से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • स्टार्टअप उत्पादों, प्रक्रियाओं या सेवाओं के नवाचार, विकास या सुधार पर कार्यरत होना चाहिए।
  • सहायता मांगने वाले एआईएफ सेबी के साथ श्रेणी I या II के तहत पंजीकृत होने चाहिए।
  • एआईएफ का कॉर्पस सामान्यतः ₹1,000 करोड़ से कम होना चाहिए (नियमों के तहत विशिष्ट शर्तों के अधीन ₹1,000 करोड़ से अधिक वाले फंड भी शामिल)।
  • एआईएफ के प्रमुख सदस्यों का सिबिल स्कोर 650 से अधिक होना चाहिए और वे कानूनी रूप से निदेशक या प्रबंधकीय पद के योग्य होने चाहिए।

जरूरी दस्तावेज

  • सेबी द्वारा जारी एआईएफ पंजीकरण प्रमाण पत्र
  • इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट (IM) अनुबंध
  • प्राइवेट प्लेसमेंट मेमोरेंडम (PPM)
  • ट्रस्ट डीड
  • एआईएफ और फंड के वित्तीय दस्तावेज तथा अंशदाताओं का विवरण
  • फंड मैनेजर या टीम का पूर्व निवेश रिकॉर्ड (यदि कोई हो)
  • डीपीआईआईटी स्टार्टअप मान्यता प्रमाण पत्र
  • केवाईसी दस्तावेज (आधार कार्ड, व्यक्तिगत एवं कंपनी पैन कार्ड, सिबिल स्कोर और वित्तीय विवरण)

आवेदन कैसे करें

  1. 1चरण 1: पात्रता मानदंड जांचें और आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण पूरा करें।
  2. 2चरण 2: प्रारंभिक प्रश्नावली में फंड रणनीति और अनुपालन विवरण भरें।
  3. 3चरण 3: प्रारंभिक समीक्षा के आधार पर परिणाम और प्रतिक्रिया प्राप्त करें।
  4. 4चरण 4: फंड के उद्देश्यों और योजना के तालमेल पर चर्चा के लिए पहली बैठक में भाग लें।
  5. 5चरण 5: टीम साख और विस्तृत रणनीति के साथ पूर्ण आवेदन पत्र जमा करें।
  6. 6चरण 6: फंड प्रबंधन, संचालन और रिकॉर्ड के विस्तृत मूल्यांकन (ड्यू डिलिजेंस) की प्रक्रिया पूरी होने दें।
  7. 7चरण 7: दूसरी बैठक में मूल्यांकन निष्कर्षों और प्रमुख शर्तों पर विमर्श करें।
  8. 8चरण 8: वेंचर कैपिटल इन्वेस्टमेंट कमेटी (VCIC) मूल्यांकन ज्ञापन तैयार होने की प्रतीक्षा करें।
  9. 9चरण 9: वीसीआईसी के समक्ष औपचारिक प्रस्तुति दें।
  10. 10चरण 10: सिडबी (SIDBI) की कार्यकारी समिति द्वारा अंतिम समीक्षा और निवेश स्वीकृति प्राप्त करें।
  11. 11चरण 11: स्वीकृति के पश्चात आशय पत्र (LoI) प्राप्त करें।
  12. 12चरण 12: कानूनी दस्तावेजों और समझौतों को औपचारिक रूप से निष्पादित करें।
  13. 13चरण 13: फंड अवधि के लिए ऑनबोर्डिंग पूरी करें (स्टार्टअप्स को सीधे निवेश प्राप्त करने हेतु इन भागीदार एआईएफ से संपर्क करना होगा)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सिडबी एफएफएस के तहत आवेदनों के मूल्यांकन के लिए कोई शुल्क लेता है?+

नहीं, सिडबी एफएफएस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रस्तावों के मूल्यांकन के लिए कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लेता है।

स्टार्टअप्स को इस योजना के माध्यम से पूंजी कैसे मिलती है?+

यह अप्रत्यक्ष फंडिंग है; सिडबी सेबी-पंजीकृत एआईएफ को पूंजी आवंटित करता है, और स्टार्टअप्स को निवेश के लिए सीधे इन भागीदार एआईएफ से संपर्क करना होता है।

इस योजना के तहत स्टार्टअप की क्या परिभाषा है?+

स्टार्टअप डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त, 10 वर्ष से कम पुराना, भारत में प्राइवेट लिमिटेड/एलएलपी/पार्टनरशिप के रूप में गठित होना चाहिए और किसी भी वर्ष उसका टर्नओवर ₹100 करोड़ से अधिक नहीं होना चाहिए।

क्या सरकार या सिडबी यह तय करते हैं कि किस स्टार्टअप में निवेश होगा?+

नहीं, किसी भी स्टार्टअप में निवेश का निर्णय संबंधित एआईएफ की निवेश समिति द्वारा स्वतंत्र रूप से लिया जाता है।

क्या यह योजना केवल कुछ विशेष क्षेत्रों के लिए है?+

नहीं, एफएफएस योजना क्षेत्र-तटस्थ (सेक्टर-एग्नोस्टिक) है और सभी क्षेत्रों में नवाचार का समर्थन करती है।

एआईएफ के लिए मल्टीप्लायर की शर्त क्या है?+

भागीदार एआईएफ को अपनी प्रतिबद्धता अवधि समाप्त होने तक एफएफएस से प्राप्त राशि का कम से कम दोगुना स्टार्टअप्स में निवेश करना अनिवार्य है।

NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)