प्रिज्म योजना श्रेणी-1: प्रोटोटाइप और मॉडल विकास हेतु वित्तीय सहायता
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
प्रिज्म (PRISM) श्रेणी-1 योजना नए विचारों को प्रोटोटाइप में बदलने के लिए छात्र नवप्रवर्तकों और भारतीय नागरिकों को ₹2,00,000 तक का अनुदान प्रदान करती है। यह सहायता स्वच्छ ऊर्जा, हरित तकनीक, अपशिष्ट प्रबंधन और स्वास्थ्य जैसे प्राथमिक क्षेत्रों के मॉडलों के लिए दी जाती है। पात्र आवेदक अपना प्रस्ताव निकटतम टॉसिक (TOCIC) केंद्र में ऑफलाइन जमा करके आवेदन कर सकते हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Ministry Of Science And Technology |
| स्तर | केंद्र सरकार |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन |
लाभ
- ₹5,00,000 तक की कुल लागत वाली परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता।
- स्वीकृत परियोजना लागत का अधिकतम ₹2,00,000 या 90% तक का अनुदान (जो भी कम हो)।
- समूह में काम करने वाले छात्रों को परियोजना पूरी होने पर विभाग द्वारा प्रशंसा पत्र।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- कोई भी भारतीय नागरिक या छात्र नवप्रवर्तक जिसके पास नए विचार को मॉडल या प्रोटोटाइप में बदलने की योजना हो।
- प्रस्ताव मुख्य रूप से हरित प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट से धन, किफायती स्वास्थ्य और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों से संबंधित होने चाहिए।
- छात्रों के समूह के मामले में अनुदान प्राप्त करने के लिए किसी एक मुख्य आवेदक पर सहमति होना अनिवार्य है।
- छात्र उद्यमी तभी पात्र होंगे जब उनके पास उस तकनीक का व्यावसायिक उपयोग करने का अधिकार हो।
जरूरी दस्तावेज
- निर्धारित प्रारूप में हस्ताक्षरित आवेदन पत्र
- आधार कार्ड की प्रति
- निवास प्रमाण पत्र (एसडीएम/डीएम द्वारा जारी प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या अन्य मान्य दस्तावेज)
- नवाचार का संक्षिप्त विवरण
- पूर्व कार्य का प्रमाण (फोटो, वीडियो या समाचार कवरेज)
- परियोजना कार्य योजना
- लक्षित उपयोगकर्ता का विवरण
- पैन कार्ड और नवीनतम आयकर रिटर्न की प्रति (यदि करदाता हैं)
- संस्थान के लेटरहेड पर अनापत्ति प्रमाण पत्र (छात्रों के लिए अनिवार्य)
आवेदन कैसे करें
- 1चरण 1: डीएसआईआर की वेबसाइट से श्रेणी-1 आवेदन प्रारूप डाउनलोड करके अपना प्रस्ताव तैयार करें।
- 2चरण 2: पूर्ण आवेदन पत्र और आवश्यक दस्तावेजों को अपने निकटतम टॉसिक (TOCIC) केंद्र में जमा करें।
- 3चरण 3: टॉसिक समन्वयक प्रस्ताव की जांच करके उसे विषय विशेषज्ञों के पास मूल्यांकन के लिए भेजेंगे।
- 4चरण 4: मूल्यांकन के बाद प्रस्ताव डीएसआईआर की प्रिज्म सलाहकार एवं स्क्रीनिंग समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
- 5चरण 5: मंजूरी मिलने के बाद अनुदान जारी करने से पहले नियमों और शर्तों पर हस्ताक्षर करें।
- 6चरण 6: पहली किस्त परियोजना के पड़ावों के आधार पर मिलेगी और अगली किस्तें समीक्षा समिति की रिपोर्ट पर निर्भर करेंगी।
- 7चरण 7: नियमित समीक्षा के बाद कार्य पूरा होने पर अंतिम रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रिज्म श्रेणी-1 के तहत अधिकतम कितनी सहायता मिलती है?+
इस श्रेणी में परियोजना लागत का अधिकतम ₹2,00,000 या 90% तक अनुदान मिलता है (अधिकतम ₹5,00,000 तक की परियोजना लागत के लिए)।
क्या कॉलेज के छात्र इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं?+
हाँ, छात्र नवप्रवर्तक अपने कॉलेज या संस्थान से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर आवेदन कर सकते हैं।
क्या केवल सॉफ्टवेयर बनाने वाली परियोजनाएं पात्र हैं?+
नहीं, केवल सॉफ्टवेयर विकास या विशुद्ध शैक्षणिक शोध से जुड़े प्रोजेक्ट इसके लिए पात्र नहीं हैं।
क्या अनुदान राशि का उपयोग वेतन या किराया देने में किया जा सकता है?+
नहीं, इस राशि का उपयोग स्वयं के वेतन, आवास किराए या शेड जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए नहीं किया जा सकता।
आवेदन कहाँ और कैसे जमा करना होता है?+
आवेदन ऑफलाइन माध्यम से अपने निकटतम टॉसिक (TOCIC) केंद्र पर जमा करना होता है।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)