सेवारत संकाय सदस्यों के लिए अनुसंधान अनुदान (RGISFM)
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
सेवारत संकाय सदस्यों के लिए अनुसंधान अनुदान योजना यूजीसी द्वारा नियमित रूप से नियुक्त विश्वविद्यालय व कॉलेज शिक्षकों को 2 वर्ष के लिए ₹10,00,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। 50 वर्ष से कम आयु वाले पात्र संकाय सदस्य इस अनुदान के तहत अपने क्षेत्र में शोध कार्य कर सकते हैं। इसके लिए आवेदन यूजीसी के आधिकारिक शोध पोर्टल पर ऑनलाइन जमा किए जाते हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Ministry of Education |
| स्तर | केंद्र सरकार |
| आयु | 50 वर्ष तक |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
लाभ
- 2 वर्ष की अवधि के लिए कुल ₹10,00,000 की वित्तीय सहायता।
- कुल 200 स्लॉट उपलब्ध हैं, या जो आयोग द्वारा तय किए जाएं।
- अनुदान का उपयोग छोटे उपकरण, उपभोग्य वस्तुएं, आकस्मिक व्यय, फील्डवर्क और यात्रा के लिए किया जा सकता है।
- प्राप्तकर्ता अपनी शोध आवश्यकताओं के अनुसार स्वीकृत मदों के बीच राशि का आवंटन तय कर सकते हैं।
- अनुदान तीन किश्तों (50%, 25%, 25%) में सीधे विश्वविद्यालय को जारी किया जाता है।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- आवेदक यूजीसी अधिनियम की धारा 2(f) या धारा 3 के तहत नैक (NAAC) मान्यता प्राप्त संस्थानों में नियमित रूप से नियुक्त संकाय सदस्य होना चाहिए।
- केंद्र या राज्य सरकार द्वारा पूर्णतः वित्तपोषित और डिग्री प्रदान करने वाले संस्थान अथवा राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के शिक्षक भी पात्र हैं।
- आवेदक की आयु 50 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आवेदन की तिथि से विश्वविद्यालय में न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा शेष होनी चाहिए।
- कम से कम 5 पूर्णकालिक उम्मीदवारों के पीएचडी शोध प्रबंध का सफलतापूर्वक निर्देशन किया होना चाहिए।
- राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा वित्तपोषित कम से कम 2 प्रायोजित शोध परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया होना अनिवार्य है।
जरूरी दस्तावेज
- पासपोर्ट आकार का फोटो और हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी (अधिकतम 1 एमबी, जेपीजी प्रारूप)।
- पूर्ण शोध प्रस्ताव (अधिकतम 5 एमबी) और उसका सारांश (अधिकतम 1 एमबी)।
- ऑनलाइन भरे गए फॉर्म का प्रिंटआउट, जो विभागाध्यक्ष (HoD) या कुलसचिव (Registrar) द्वारा हस्ताक्षरित हो।
- एकल कन्या संतान प्रमाण पत्र (यदि लागू हो, ₹100 के स्टांप पेपर पर शपथ पत्र)।
- स्नातकोत्तर (PG) और पीएचडी डिग्री से संबंधित विवरण और दस्तावेज।
- किश्त जारी करवाने हेतु जॉइनिंग रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC)।
आवेदन कैसे करें
- 1चरण 1: आधिकारिक यूजीसी पोर्टल frg.ugc.ac.in पर जाएं और योजना के दिशानिर्देश ध्यानपूर्वक पढ़ें।
- 2चरण 2: योजना के तहत 'New User' पर क्लिक करें, आवश्यक विवरण भरें और फोटो व हस्ताक्षर अपलोड करके पंजीकरण करें।
- 3चरण 3: अपनी पंजीकृत ईमेल पर प्राप्त क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन करें और नया पासवर्ड सेट करें।
- 4चरण 4: डैशबोर्ड पर जाकर 'Eligibility Criteria' विकल्प पर क्लिक करें और नियम व शर्तों को स्वीकार करें।
- 5चरण 5: अपनी पात्रता संबंधी जानकारी भरें और फॉर्म सबमिट करें।
- 6चरण 6: 'Apply Now' पर क्लिक करके अपनी स्नातकोत्तर (PG) और पीएचडी से संबंधित शैक्षणिक योग्यताएं दर्ज करें।
- 7चरण 7: अपना शोध प्रस्ताव और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- 8चरण 8: स्वतः उत्पन्न आवेदन पत्र का प्रिंटआउट लें, उस पर अपने HoD या कुलसचिव के हस्ताक्षर करवाएं और उसे पोर्टल पर पुनः अपलोड करें।
- 9चरण 9: घोषणा पत्र पढ़ें, 'I Agree' पर टिक करें और आवेदन पत्र को अंतिम रूप से सबमिट करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस योजना के तहत कुल कितना अनुसंधान अनुदान मिलता है?+
इस योजना के अंतर्गत 2 वर्ष की अवधि के लिए ₹10,00,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
आवेदन के लिए अधिकतम आयु सीमा क्या है?+
आवेदक की आयु 50 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। 50 वर्ष से अधिक आयु के संकाय सदस्य पात्र नहीं हैं।
आवेदन हेतु कितने पीएचडी छात्रों को गाइड करना जरूरी है?+
आवेदक ने कम से कम 5 पूर्णकालिक (फुल-टाइम) उम्मीदवारों के पीएचडी शोध प्रबंध का सफलतापूर्वक निर्देशन किया होना चाहिए।
क्या इस अनुदान से रिसर्च फेलो या प्रोजेक्ट असिस्टेंट रखा जा सकता है?+
नहीं, इस अनुदान का उपयोग किसी प्रोजेक्ट असिस्टेंट या रिसर्च फेलो की नियुक्ति, अंतरराष्ट्रीय यात्रा या फर्नीचर खरीदने के लिए नहीं किया जा सकता।
अनुदान की राशि का भुगतान कैसे किया जाता है?+
अनुदान विश्वविद्यालय को तीन किश्तों में दिया जाता है: जॉइनिंग रिपोर्ट मिलने पर 50%, पहला उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने पर 25%, और अंतिम 25% प्रतिपूर्ति आधार पर।
क्या इस योजना के लिए कोई आवेदन शुल्क लगता है?+
नहीं, आवेदन की पूरी प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)