जूट विविधीकृत उत्पादों पर उत्पादन आधारित प्रोत्साहन सहायता योजना (PLISJDP)
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
जूट विविधीकृत उत्पादों (जेडीपी) पर उत्पादन आधारित प्रोत्साहन सहायता योजना भारतीय जूट मिलों और एमएसएमई इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना में निर्यात किए जाने वाले उत्पादों के जूट कच्चे माल पर 5% प्रतिपूर्ति (बिक्री मूल्य के अधिकतम 3% तक) दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹12,00,000 प्रति वर्ष है। इसके लिए राष्ट्रीय जूट बोर्ड के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Ministry Of Textiles |
| स्तर | केंद्र सरकार |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
लाभ
- निर्यातित जूट विविधीकृत उत्पादों के निर्माण में उपयोग किए गए कच्चे माल की लागत पर 5% की वित्तीय प्रतिपूर्ति।
- प्रतिपूर्ति की राशि जूट उत्पादों के निर्यात बिक्री मूल्य के अधिकतम 3% तक सीमित रहेगी।
- प्रति इकाई प्रति वर्ष अधिकतम ₹12,00,000 तक की वित्तीय सहायता।
- पूर्ण दस्तावेजों के सत्यापन के बाद त्रैमासिक दावों का भुगतान दो महीने के भीतर।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- आवेदक भारत की भौगोलिक सीमा के भीतर स्थापित जूट मिल कंपनी या सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाई होनी चाहिए।
- इकाई सक्रिय रूप से जूट विविधीकृत उत्पादों के निर्माण और निर्यात में लगी होनी चाहिए।
- निर्मित उत्पादों में वजन के अनुसार 50% से अधिक जूट होना चाहिए, या बहु-फाइबर मिश्रण में 33% से अधिक जूट (प्रमुख फाइबर के रूप में) होना चाहिए।
- लाभार्थी का विवरण आधार से जुड़ा होना अनिवार्य है।
- कच्चे माल की खरीद और निर्यात भुगतान का लेनदेन केवल बैंक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होना चाहिए।
जरूरी दस्तावेज
- जूट मिल कंपनी या एमएसएमई इकाई की स्थिति का प्रमाण पत्र।
- मालिक या प्रोप्राइटर का आधार नंबर।
- निर्मित और निर्यात किए जाने वाले उत्पाद मिश्रण का विवरण।
- आयात-निर्यात कोड (आईईसी) प्रमाण पत्र की प्रति।
- वैध पंजीकरण सह सदस्यता प्रमाण पत्र (आरसीएमसी)।
- ईपीएफ और ईएसआई भुगतान प्रमाण (कर्मचारियों की संख्या सहित)।
- पिछले वर्ष दाखिल किए गए जीएसटी रिटर्न की प्रति।
- निर्यात अनुपालन प्रमाण पत्र (जैसे CEN, SA8000, SEDEX, GOTS, OEKOTEX, FAIRTRADE, ISO)।
- शिपिंग बिल, बिल ऑफ एक्सपोर्ट, बिल ऑफ लैडिंग, एयरवे बिल या वाणिज्यिक चालान की स्व-सत्यापित प्रति।
- कच्चे माल की खरीद और निर्यात आय के प्रमाणित बैंक लेनदेन विवरण।
- कच्चे जूट की खरीद के बिल या वाउचर।
- चार्टर्ड एकाउंटेंट द्वारा प्रमाणित उत्पादन और निर्यात टर्नओवर रिपोर्ट।
- अंतिम (चौथी) तिमाही के दावे के लिए वार्षिक लेखापरीक्षित खाते।
आवेदन कैसे करें
- 1चरण 1: राष्ट्रीय जूट बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल www.jute.com पर जाएं।
- 2चरण 2: 'PLI Beneficiaries Registration' फॉर्म में अपनी व्यावसायिक जानकारी भरें, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और लॉगिन पासवर्ड प्राप्त करें।
- 3चरण 3: पोर्टल पर लॉगिन करके 'PLI Claim Submission' विकल्प का चयन करें।
- 4चरण 4: त्रैमासिक उत्पादन और निर्यात का विवरण दर्ज करें और शिपिंग बिल, सीए रिपोर्ट व बैंक लेनदेन दस्तावेज अपलोड करें।
- 5चरण 5: दावे को अंतिम रूप से जमा करें; सत्यापन के बाद राशि सीधे बैंक खाते में वितरित कर दी जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस योजना के तहत अधिकतम कितनी वित्तीय सहायता मिल सकती है?+
प्रति इकाई प्रति वर्ष अधिकतम ₹12,00,000 की वित्तीय सहायता मिलती है, जो कच्चे माल की लागत का 5% और कुल बिक्री मूल्य का अधिकतम 3% होती है।
योजना का लाभ लेने के लिए कौन पात्र है?+
भारत में स्थित जूट मिल कंपनियां और एमएसएमई इकाइयां जो जूट विविधीकृत उत्पादों का निर्माण और निर्यात करती हैं, वे पात्र हैं।
क्या कच्चे माल की नकद खरीद पर यह प्रोत्साहन मिलेगा?+
नहीं, कच्चे माल की खरीद और निर्यात से प्राप्त राशि का भुगतान पूरी तरह से बैंक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होना आवश्यक है।
क्या टाट (सैकिंग) और सूत निर्माता इस योजना के पात्र हैं?+
नहीं, किसी भी प्रकार की सैकिंग और बिक्री के लिए बनाए गए सूत (यार्न) को इस योजना से बाहर रखा गया है।
उत्पाद में जूट की न्यूनतम मात्रा कितनी होनी चाहिए?+
उत्पाद में वजन के अनुसार 50% से अधिक जूट होना चाहिए, अथवा बहु-फाइबर मिश्रण में जूट की मात्रा 33% से अधिक होनी चाहिए।
यदि किसी तिमाही का दावा समय पर जमा न हो सके तो क्या करें?+
आप लिखित कारण बताते हुए लंबित दावे को अगली तिमाही के दावे के साथ जमा कर सकते हैं।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)