पीएम-सेतु घटक I: सरकारी आईटीआई उन्नयन योजना
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संक्षेप में
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा शुरू की गई पीएम-सेतु योजना के घटक I के तहत 1,000 सरकारी आईटीआई को आधुनिक कौशल संस्थानों में बदला जा रहा है। इसमें केंद्र, राज्य और उद्योग जगत मिलकर उन्नत मशीनरी, नए पाठ्यक्रम और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हैं। राज्य सरकारें और औद्योगिक साझेदार प्रस्ताव प्रस्तुत करके विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) के जरिए इसे लागू करते हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Ministry Of Skill Development And Entrepreneurship |
| स्तर | केंद्र सरकार |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन |
लाभ
- हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत 1,000 सरकारी आईटीआई (200 हब और 800 स्पोक) का आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ उन्नयन।
- पांच वर्षों में ₹60,000 करोड़ का कुल परिव्यय, जिसमें केंद्र (50%), राज्य (33%) और उद्योग (17%) की भागीदारी है।
- प्रत्येक हब आईटीआई के लिए अधिकतम ₹81 करोड़ और प्रत्येक स्पोक आईटीआई के लिए ₹40 करोड़ तक का निवेश।
- एक हब और चार स्पोक वाले प्रत्येक क्लस्टर के लिए लगभग ₹241 करोड़ का सांकेतिक बजट।
- हब आईटीआई में औसतन 4 नए पाठ्यक्रम और 10 पुराने पाठ्यक्रमों का नवीनीकरण; स्पोक आईटीआई में 2 नए पाठ्यक्रम और 8 का नवीनीकरण।
- डिप्लोमा, अल्पकालिक पाठ्यक्रम (3 से 6 महीने), प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (टीओटी) और कार्यपालक शिक्षा कार्यक्रम की सुविधा।
- प्लेसमेंट सहायता, अप्रेंटिसशिप, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और उपचारात्मक कक्षाओं की बेहतर सुविधाएं।
- हब आईटीआई में उत्पादन केंद्र, इनक्यूबेशन केंद्र और मेकर स्पेस की स्थापना।
- पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष फंडिंग अनुपात (74.7% केंद्र, 8.3% राज्य, 17% उद्योग)।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- संस्थान का संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश द्वारा चयनित सरकारी आईटीआई होना आवश्यक है।
- एंकर उद्योग साझेदार के रूप में भारत में कार्यरत प्रतिष्ठित कंपनियां या विनिर्माता पात्र हैं।
- उद्योग संघ, कंसोर्टियम, उद्योग-संचालित फाउंडेशन या उद्योग द्वारा समर्थित शैक्षणिक संस्थान भी आवेदन कर सकते हैं।
- आवेदक के पास प्रशिक्षण प्रबंधन, पाठ्यक्रम निर्माण और तकनीकी संचालन की क्षमता होनी चाहिए।
- आवेदक को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम टर्नओवर, कर्मचारियों की संख्या और अनुभव की शर्तों को पूरा करना होगा।
जरूरी दस्तावेज
- रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) दस्तावेज
- प्रस्ताव के लिए अनुरोध (आरएफपी) प्रतिक्रिया दस्तावेज
- रणनीतिक निवेश योजना (एसआईपी)
- कंपनी पंजीकरण एवं निगमन प्रमाण पत्र
- टर्नओवर प्रमाणित करने वाले वित्तीय विवरण
- कर्मचारियों की कुल संख्या से संबंधित दस्तावेज
- गैर-प्रतिबंधित होने का घोषणा पत्र (डीबारमेंट डिक्लेरेशन)
- स्टाफिंग और फंडिंग के लिए राज्य सरकार के प्रतिबद्धता पत्र
- रोजगार और अप्रेंटिसशिप हेतु उद्योगों के साथ किए गए समझौते (एमओयू)
- हब और स्पोक आईटीआई की आधारभूत जानकारी (प्रारूप 1)
- विगत तीन वित्तीय वर्षों के बजट आवंटन दस्तावेज (प्रारूप 2)
- पांच वर्षीय निवेश योजना बजट (प्रारूप 3)
- प्रदर्शन संकेतक दस्तावेज (प्रारूप 4)
- कार्यान्वयन समय-सारणी (गैंट चार्ट - प्रारूप 5)
- मानव संसाधन योजना एवं प्रस्तावित एसपीवी प्रबंधन विवरण
- शेयरधारक समझौता (एसएचए) और लाइसेंस समझौता (एलए)
- बैंक गारंटी के रूप में परफॉर्मेंस सिक्योरिटी
- वार्षिक परिचालन योजना (एओपी)
- संपत्ति रजिस्टर और सीए द्वारा प्रमाणित उपयोगिता प्रमाण पत्र
आवेदन कैसे करें
- 1चरण 1: राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सरकारी आईटीआई की पहचान कर पात्रता नियमों के साथ आरएफपी जारी करता है।
- 2चरण 2: पात्र औद्योगिक साझेदार आरएफपी का अध्ययन कर रणनीतिक निवेश योजना (एसआईपी) तैयार करते हैं।
- 3चरण 3: आवेदक अपने प्रस्ताव और एसआईपी को आवश्यक दस्तावेजों के साथ राज्य सरकार के पास जमा करते हैं।
- 4चरण 4: राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावों का तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन किया जाता है।
- 5चरण 5: चयनित प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) को भेजा जाता है।
- 6चरण 6: मंजूरी मिलने के बाद धारा 8 कंपनी के रूप में विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) गठित कर समझौते किए जाते हैं।
- 7चरण 7: एसपीवी के लिए एस्क्रो बैंक खाता खोला जाता है जिसमें केंद्र, राज्य और उद्योग अपनी निर्धारित राशि जमा करते हैं।
- 8चरण 8: एसपीवी वार्षिक कार्य योजना बनाकर बुनियादी ढांचे, मशीनों की खरीद और नए पाठ्यक्रमों का संचालन शुरू करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीएम-सेतु घटक I क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?+
यह कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की योजना है, जिसके तहत 1,000 सरकारी आईटीआई को आधुनिक बनाकर युवाओं को उद्योग-अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाता है।
इस योजना का कुल बजट कितना है और इसे कैसे साझा किया जाता है?+
पांच वर्षों के लिए कुल बजट ₹60,000 करोड़ है, जिसमें केंद्र सरकार का 50%, राज्य सरकारों का 33% और उद्योग जगत का 17% हिस्सा है।
प्रति आईटीआई अधिकतम कितना बजट मिल सकता है?+
प्रत्येक हब आईटीआई को अधिकतम ₹81 करोड़ और प्रत्येक स्पोक आईटीआई को अधिकतम ₹40 करोड़ तक का आवंटन मिल सकता है।
एंकर इंडस्ट्री पार्टनर (एआईपी) कौन बन सकता है?+
भारत में कार्यरत प्रतिष्ठित कंपनियां, विनिर्माता, उद्योग संघ या उनके द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थान इसके पात्र हैं।
हब-एंड-स्पोक मॉडल क्या है?+
इस मॉडल में औसतन चार स्पोक आईटीआई को एक मुख्य हब आईटीआई से जोड़ा जाता है ताकि उच्च स्तरीय बुनियादी ढांचा और मशीनें आपस में साझा की जा सकें।
छात्रों के लिए कौन से नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे?+
हब आईटीआई में 4 नए और स्पोक आईटीआई में 2 नए आधुनिक पाठ्यक्रम जोड़े जाएंगे, साथ ही 3 से 6 महीने के शॉर्ट-टर्म कोर्स और डिप्लोमा भी उपलब्ध होंगे।
एसपीवी (विशेष प्रयोजन वाहन) की संरचना क्या है?+
एसपीवी धारा 8 कंपनी के रूप में बनेगी जिसमें एंकर इंडस्ट्री पार्टनर की 51%, केंद्र सरकार की 24.5% और राज्य सरकार की 24.5% हिस्सेदारी होगी।
क्या पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए अलग नियम हैं?+
हां, वहां मिनी-हब की अनुमति है और फंडिंग अनुपात 74.7% केंद्र, 8.3% राज्य तथा 17% उद्योग का रखा गया है।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)