उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल हेतु पीएलआई योजना किश्त-I
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा शुरू की गई यह योजना उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल निर्माताओं को 5 वर्षों के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन प्रदान करती है। इसमें कम से कम 1,000 मेगावाट क्षमता का एकीकृत संयंत्र स्थापित करने वाले पात्र निर्माताओं को वित्तीय सहायता मिलती है। इच्छुक आवेदक इरेडा द्वारा आयोजित पारदर्शी बोली प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Ministry Of New and Renewable Energy |
| स्तर | केंद्र सरकार |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन |
लाभ
- पात्र सौर निर्माताओं के लिए 5 वर्षों हेतु कुल 4,500 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय।
- कमीशनिंग या निर्धारित तिथि से लगातार 5 वर्षों तक वार्षिक उत्पादन आधारित प्रोत्साहन।
- प्रोत्साहन की गणना बिक्री मात्रा, आधार दर, टेपरिंग गुणांक और स्थानीय मूल्य संवर्धन के आधार पर की जाती है।
- वार्षिक टेपरिंग गुणांक: वर्ष 1 में 1.4, वर्ष 2 में 1.2, वर्ष 3 में 1.0, वर्ष 4 में 0.8 तथा वर्ष 5 में 0.6।
- स्थानीय सामग्री और मूल्य संवर्धन बढ़ने पर अधिक प्रोत्साहन राशि प्राप्त होती है।
- ब्राउनफील्ड परियोजनाओं को ग्रीनफील्ड दर का 50 प्रतिशत प्रोत्साहन देय है।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- आवेदक निर्माता को सौर सेल और मॉड्यूल में न्यूनतम एकीकरण का प्रस्ताव देना आवश्यक है।
- कम से कम 1,000 मेगावाट क्षमता का विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने की प्रतिबद्धता होनी चाहिए।
- न्यूनतम मॉड्यूल दक्षता 19.50 प्रतिशत (-0.30 प्रतिशत प्रति डिग्री सेल्सियस से बेहतर तापमान गुणांक) या न्यूनतम दक्षता 20 प्रतिशत (-0.40 प्रतिशत प्रति डिग्री सेल्सियस या बेहतर तापमान गुणांक) होना अनिवार्य है।
- एकल कंपनी अथवा संयुक्त उद्यम या कंसोर्टियम के रूप में आवेदन किया जा सकता है।
- ग्रीनफील्ड और निर्धारित पात्रता पूरी करने वाली ब्राउनफील्ड दोनों परियोजनाएं भाग ले सकती हैं।
जरूरी दस्तावेज
- निविदा प्रक्रिया के तहत प्रस्तुत आवेदन पत्र।
- परफॉर्मेंस बैंक गारंटी।
- वार्षिक पीएलआई दावों हेतु स्व-घोषणा पत्र।
- सांविधिक लेखा परीक्षक, चार्टर्ड अकाउंटेंट या कॉस्ट अकाउंटेंट प्रमाणपत्र।
- मॉड्यूल बिक्री की पुष्टि करने वाले दस्तावेज।
- स्थानीय मूल्य संवर्धन को प्रमाणित करने वाले सहायक दस्तावेज।
आवेदन कैसे करें
- 1चरण 1: भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास संस्था (इरेडा) द्वारा जारी निविदा और बोली दस्तावेजों का अवलोकन करें।
- 2चरण 2: निविदा दिशानिर्देशों के अनुरूप अपना आवेदन पत्र इरेडा के समक्ष जमा करें।
- 3चरण 3: क्षमता, एकीकरण के स्तर और तकनीकी प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन व रैंकिंग प्रक्रिया से गुजरें।
- 4चरण 4: चयन होने पर इरेडा के साथ आधिकारिक अनुबंध समझौते पर हस्ताक्षर करें।
- 5चरण 5: निर्धारित समयसीमा के भीतर अनिवार्य परफॉर्मेंस बैंक गारंटी जमा कराएं।
- 6चरण 6: लागू समयावधि (1.5 वर्ष, 2 वर्ष या 3 वर्ष) के अंदर संयंत्र को चालू करें।
- 7चरण 7: वार्षिक प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए बिक्री और लेखा परीक्षक दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
योजना का कुल वित्तीय परिव्यय कितना है?+
इस योजना के अंतर्गत 5 वर्षों की अवधि के लिए कुल 4,500 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय निर्धारित है।
यह योजना किस संस्था द्वारा कार्यान्वित की जा रही है?+
यह योजना नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास संस्था (इरेडा) के माध्यम से चलाई जा रही है।
संयंत्र की न्यूनतम विनिर्माण क्षमता कितनी होनी चाहिए?+
आवेदक को न्यूनतम 1,000 मेगावाट क्षमता का विनिर्माण संयंत्र स्थापित करना अनिवार्य है।
क्या ब्राउनफील्ड परियोजनाओं को लाभ मिलता है?+
हाँ, ब्राउनफील्ड परियोजनाएं पात्र हैं, परंतु उन्हें ग्रीनफील्ड दर का 50 प्रतिशत प्रोत्साहन ही मिलता है।
पीएलआई का लाभ कितने वर्षों तक दिया जाता है?+
यह प्रोत्साहन संयंत्र शुरू होने की तिथि से 5 वर्षों के लिए प्रदान किया जाता है।
क्या एम-सिप्स (M-SIPS) का लाभ ले चुके आवेदक पात्र हैं?+
नहीं, जिन इकाइयों ने इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय की सिप्स या एम-सिप्स योजना का लाभ लिया है, वे इसमें पात्र नहीं हैं।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)