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राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम: अर्बन हाट योजना

आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English

संक्षेप में

राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम के तहत अर्बन हाट घटक कारीगरों और बुनकरों के लिए स्थायी विपणन केंद्र बनाने हेतु ₹8,00,00,000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इसमें स्थानीय निकायों और सोसायटियों को भूमि और सह-वित्तपोषण के साथ दिल्ली हाट की तर्ज पर स्टॉल, फूड कोर्ट और छात्रावास विकसित करने होते हैं। कार्यान्वयन एजेंसियां हस्तशिल्प सेवा केंद्र के माध्यम से और कारीगर आधिकारिक पोर्टल से आवेदन कर सकते हैं।

एक नज़र में

मंत्रालय / विभागMinistry Of Textiles
स्तरकेंद्र सरकार
आवेदन का तरीकाऑनलाइन और ऑफलाइन

लाभ

  • नए अर्बन हाट के निर्माण के लिए ₹8,00,00,000 प्रति यूनिट तक की वित्तीय सहायता।
  • सामान्य क्षेत्रों में 40% विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), 40% विकास आयुक्त (हथकरघा) और 20% कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा वित्तपोषण।
  • पूर्वोत्तर राज्यों, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप के लिए 90% केंद्रीय सहायता और 10% एजेंसी अंशदान।
  • मौजूदा अर्बन हाट के नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए ₹2,50,00,000 तक का 100% केंद्रीय अनुदान।
  • 50 से 80 स्टॉल (10x8 वर्ग फुट), फूड कोर्ट, सांस्कृतिक मंच, कॉन्फ़्रेंस रूम और कम से कम 100 कारीगरों के लिए डॉर्मिटरी का निर्माण।
  • कारीगरों और हथकरघा बुनकरों को नाममात्र किराए पर रोटेशन के आधार पर पूरे साल सीधा बाजार उपलब्ध कराना।

कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)

  • स्थानीय वैधानिक निकाय, शीर्ष सहकारी समितियां और राष्ट्रीय स्तर की शीर्ष समितियां (सोसायटी या ट्रस्ट अधिनियम के तहत पंजीकृत)।
  • विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय द्वारा समर्थित उत्पादक कम्पनियां (प्रोड्यूसर कम्पनी)।
  • कार्यान्वयन एजेंसियों का पिछले लगातार तीन वित्तीय वर्षों में न्यूनतम वार्षिक ऑडिटेड टर्नओवर ₹1.5 करोड़ होना अनिवार्य है।
  • केंद्र या राज्य सरकार की एजेंसियों के लिए ₹1.5 करोड़ के टर्नओवर की शर्त लागू नहीं होगी।

जरूरी दस्तावेज

  • निर्धारित प्रारूप में भरा हुआ परियोजना प्रस्ताव प्रपत्र।
  • संस्था का वैधानिक पंजीकरण प्रमाण पत्र (सोसायटी/ट्रस्ट/सहकारी समिति)।
  • पिछले तीन वर्षों के ऑडिटेड वित्तीय विवरण और टर्नओवर प्रमाण पत्र।
  • न्यूनतम 8,000 वर्ग मीटर भूमि की उपलब्धता से संबंधित स्वामित्व अथवा लीज दस्तावेज।
  • संबंधित हस्तशिल्प सेवा केंद्र से अनुशंसा पत्र।
  • स्टॉल आवंटन हेतु आवेदन करने वाले कारीगरों के लिए पहचान पत्र, आधार कार्ड और पूर्व प्रदर्शनी विवरण।

आवेदन कैसे करें

  1. 1चरण 1: विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) की आधिकारिक वेबसाइट से निर्धारित आवेदन प्रपत्र डाउनलोड करें।
  2. 2चरण 2: प्रपत्र भरकर भूमि और वित्तीय ऑडिट से जुड़े सभी स्व-सत्यापित दस्तावेज संलग्न करें।
  3. 3चरण 3: पूर्ण प्रस्ताव की हार्ड कॉपी अपने संबंधित हस्तशिल्प सेवा केंद्र (HSC) में जमा करें।
  4. 4चरण 4: हस्तशिल्प सेवा केंद्र प्रस्ताव का सत्यापन कर उसे मुख्यालय कार्यालय को प्रेषित करेगा।
  5. 5चरण 5: कारीगर स्टॉल प्राप्त करने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन भर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अर्बन हाट स्थापित करने के लिए कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?+

नए अर्बन हाट के लिए अधिकतम ₹8,00,00,000 और मौजूदा हाट के जीर्णोद्धार के लिए ₹2,50,00,000 तक की सहायता दी जाती है।

हाट निर्माण के लिए न्यूनतम कितनी भूमि की आवश्यकता होती है?+

अर्बन हाट का निर्माण कम से कम 8,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में किया जाना आवश्यक है।

कारीगरों को स्टॉल का आवंटन कैसे किया जाता है?+

कारीगरों और बुनकरों को नाममात्र के किराए पर रोटेशन प्रणाली के आधार पर स्टॉल दिए जाते हैं।

विशेष राज्यों के लिए फंडिंग पैटर्न क्या है?+

पूर्वोत्तर राज्यों, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और द्वीप समूहों में 90% राशि केंद्र द्वारा और 10% कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा वहन की जाती है।

क्या निजी संस्थाएं इसके लिए पात्र हैं?+

केवल पंजीकृत शीर्ष समितियां, स्थानीय निकाय और न्यूनतम ₹1.5 करोड़ टर्नओवर वाली उत्पादक संस्थाएं ही पात्र हैं।

NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)