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मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस (MDA-FERT) योजना

आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English

संक्षेप में

मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस (MDA-FERT) योजना के तहत गोवर्धन पहल से जुड़े संयंत्रों में बने जैविक उर्वरकों की बिक्री पर ₹1,500 प्रति मीट्रिक टन की सहायता मिलती है। यह राशि सीधे उर्वरक निर्माताओं और विपणन कंपनियों को उनके पीओएस बिक्री लेनदेन के आधार पर दी जाती है। पात्र आवेदक गोवर्धन पोर्टल पर पंजीकरण कर आईएफएमएस पोर्टल के माध्यम से डीबीटी दावे जमा कर सकते हैं।

एक नज़र में

मंत्रालय / विभागMinistry Of Chemicals And Fertilizers
स्तरकेंद्र सरकार
आवेदन का तरीकाऑनलाइन और ऑफलाइन

लाभ

  • फर्मेन्टेड ऑर्गेनिक मैन्योर (FOM), लिक्विड FOM और एनरिच्ड PROM की बिक्री पर ₹1,500 प्रति मीट्रिक टन की सहायता राशि।
  • केंद्रीय और राज्य अनुसंधान संस्थानों तथा गैर-निजी उर्वरक सहकारी समितियों के लिए ₹3,60,00,00,000 का अनुसंधान अनुदान कोष।
  • वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक के लिए कुल ₹14,51,82,00,000 का बजटीय आवंटन।
  • इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (IFMS) पोर्टल के जरिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) से सीधे बैंक खाते में भुगतान।

कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)

  • आवेदक गोवर्धन पहल के तहत पंजीकृत विनिर्माण-सह-विपणन इकाई, बायो-गैस या सीबीजी ऑपरेटर अथवा अधिकृत उर्वरक विपणन कंपनी होना चाहिए।
  • संयंत्र सैटैट (SATAT), वेस्ट टू एनर्जी या स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं के तहत स्थापित होना चाहिए।
  • इकाई का पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के गोवर्धन पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण होना आवश्यक है।
  • उर्वरक एफओएम, लिक्विड एफओएम या एनरिच्ड पीआरओएम श्रेणी का होना चाहिए।
  • उत्पाद को उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO), 1985 के मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है।
  • सरकारी अधिसूचित प्रयोगशालाओं या एनएबीएल (NABL) से मान्यता प्राप्त लैब से गुणवत्ता परीक्षण कराया गया हो।
  • उर्वरक की बिक्री पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों के माध्यम से की गई हो।

जरूरी दस्तावेज

  • जैविक उर्वरक विपणन की इच्छा व्यक्त करने वाला पत्र।
  • उर्वरक आपूर्ति का खरीद अनुबंध (विपणन कंपनियों के लिए)।
  • अनुलग्नक-I (मार्केटिंग कंपनियों के लिए) या अनुलग्नक-II (निर्माताओं के लिए) विवरण प्रपत्र।
  • कंपनी का टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर (TIN) प्रमाण पत्र।
  • कंपनी का पैन (PAN) कार्ड।
  • बैंक खाता विवरण (खाता संख्या, आईएफएससी कोड, बैंक शाखा का पता)।
  • गोवर्धन (GOBARdhan) पोर्टल पंजीकरण प्रमाण पत्र।
  • मात्रा प्रमाण पत्र (प्रारूप B1-MDA) और गुणवत्ता प्रमाण पत्र (प्रारूप B2-MDA)।
  • मान्यता प्राप्त लैब की परीक्षण रिपोर्ट।
  • चार्टर्ड एकाउंटेंट और अधिकृत अधिकारी द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दावा प्रपत्र।
  • स्टॉक रजिस्टर, उत्पादन रिपोर्ट और बिक्री चालान।

आवेदन कैसे करें

  1. 1चरण 1: पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के एकीकृत गोवर्धन पोर्टल पर जाकर अपने बायो-गैस या सीबीजी प्लांट का पंजीकरण करें।
  2. 2चरण 2: पोर्टल पर आवश्यक परिचालन विवरण दर्ज करके अनिवार्य पंजीकरण संख्या प्राप्त करें।
  3. 3चरण 3: उर्वरक विभाग को सहमति पत्र के साथ निर्धारित अनुलग्नक-I या अनुलग्नक-II की भौतिक प्रति भेजें।
  4. 4चरण 4: इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (IFMS) पोर्टल पर पंजीकरण करके विभाग से यूनिक आईडी प्राप्त करें।
  5. 5चरण 5: आईएफएमएस पोर्टल पर लॉगिन कर उत्पादन, बिक्री, एमआरपी, शेष स्टॉक और लैब रिपोर्ट का विवरण अपलोड करें।
  6. 6चरण 6: मान्यता प्राप्त लैब से जांच कराकर राज्य कृषि विभाग या नोडल एजेंसी से B2-MDA गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्रमाणित कराएं।
  7. 7चरण 7: बिक्री के दो महीने के भीतर आईएफएमएस पोर्टल पर डीबीटी दावा दर्ज करें और सब्सिडी राशि प्राप्त करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

MDA-FERT योजना के तहत कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?+

इस योजना में फर्मेन्टेड ऑर्गेनिक मैन्योर, लिक्विड FOM और एनरिच्ड PROM की बिक्री पर ₹1,500 प्रति मीट्रिक टन की सहायता दी जाती है।

सब्सिडी पाने के लिए प्रारंभिक पंजीकरण कहां करना होता है?+

आवेदक को सबसे पहले पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के एकीकृत गोवर्धन (GOBARdhan) पोर्टल पर अपनी इकाई का पंजीकरण करना होगा।

सब्सिडी दावा करने के लिए उर्वरक की बिक्री कैसे होनी चाहिए?+

सहायता केवल उन्हीं मात्राओं पर दी जाती है जो पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीनों के माध्यम से किसानों को बेची गई हों।

बिक्री के बाद सब्सिडी दावा जमा करने की समय सीमा क्या है?+

उर्वरक की बिक्री वाले महीने से अधिकतम दो महीने के भीतर आईएफएमएस पोर्टल पर दावा प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

क्या निजी सहकारी समितियां अनुसंधान निधि ले सकती हैं?+

नहीं, ₹3,60,00,00,000 का अनुसंधान अनुदान कोष केवल केंद्रीय या राज्य अनुसंधान संस्थानों और गैर-निजी सहकारी समितियों के लिए है।

उर्वरक की बोरियों पर क्या विवरण छापना अनिवार्य है?+

बोरी पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP), लागू एमडीए सहायता, एफसीओ घटक, निर्माता का नाम और उत्पाद की वैधता अवधि स्पष्ट रूप से लिखी होनी चाहिए।

NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)