लैब ऑन व्हील्स उत्तराखंड
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
लैब ऑन व्हील्स उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) की एक अनूठी पहल है, जो विद्यार्थियों तक सचल विज्ञान प्रयोगशालाएं पहुंचाती है। यह योजना राज्य के सभी 13 जिलों के सरकारी और निजी स्कूलों में विज्ञान के विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रयोगों का अनुभव कराती है। छात्र अपने संबंधित स्कूल के माध्यम से इस कार्यक्रम का लाभ ले सकते हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Science And Technology |
| स्तर | राज्य सरकार (Uttarakhand) |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन |
लाभ
- वैज्ञानिक उपकरणों और अध्ययन सामग्रियों से सुसज्जित सचल प्रयोगशालाएं स्कूलों का दौरा करती हैं।
- दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को विज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को सीखने और समझने का अवसर मिलता है।
- प्रायोगिक गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और तार्किक सोच का विकास होता है।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- आवेदक उत्तराखंड के 13 जिलों में से किसी एक जिले का निवासी होना चाहिए।
- आवेदक सरकारी या गैर-सरकारी (निजी) स्कूल में विज्ञान विषय का अध्ययन करने वाला छात्र या युवा होना चाहिए।
जरूरी दस्तावेज
- संबंधित स्कूल के नियमों और दिशानिर्देशों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज।
आवेदन कैसे करें
- 1चरण 1: उत्तराखंड स्थित अपने सरकारी या निजी स्कूल के विज्ञान शिक्षक अथवा प्रधानाचार्य से संपर्क करें।
- 2चरण 2: स्कूल के दिशानिर्देशों के अनुसार मांगे गए आवश्यक छात्र विवरण प्रस्तुत करें।
- 3चरण 3: यूकॉस्ट के समन्वय से स्कूल परिसर में आयोजित सचल प्रयोगशाला सत्र में भाग लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लैब ऑन व्हील्स कार्यक्रम में कौन भाग ले सकता है?+
उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में सरकारी या निजी स्कूलों में विज्ञान विषय पढ़ने वाले सभी छात्र और युवा इसमें भाग लेने के पात्र हैं।
क्या निजी स्कूलों के विद्यार्थी भी इस योजना के पात्र हैं?+
हाँ, सरकारी और निजी दोनों प्रकार के स्कूलों में विज्ञान पढ़ने वाले विद्यार्थी इसमें भाग ले सकते हैं।
क्या छात्र और छात्राएं दोनों इसके पात्र हैं?+
हाँ, यह योजना सभी छात्र और छात्राओं के लिए समान रूप से खुली है।
सचल प्रयोगशालाएं दूरदराज के क्षेत्रों में कैसे पहुंचती हैं?+
यूकॉस्ट विशेष रूप से तैयार वैज्ञानिक उपकरणों से लैस वाहनों को सीधे ग्रामीण और सुदूरवर्ती स्कूलों में भेजता है।
क्या इस योजना में कोई वित्तीय सहायता दी जाती है?+
इस योजना में कोई नकद राशि या छात्रवृत्ति नहीं दी जाती है; यह केवल व्यावहारिक वैज्ञानिक शिक्षा और प्रायोगिक अनुभव प्रदान करती है।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)