किसान-वैज्ञानिक संगोष्ठी (KVS)
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
किसान-वैज्ञानिक संगोष्ठी योजना उत्तराखंड के किसानों, युवाओं और स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को जैव प्रौद्योगिकी आधारित कृषि और पशुपालन में तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करती है। इसके तहत हाइड्रोपोनिक्स, कीवी उत्पादन, मछली पालन और मधुमक्खी पालन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाता है। इच्छुक पात्र अभ्यर्थी सूचना जारी होने के बाद ऑनलाइन या निर्धारित पंजीकरण केंद्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Agriculture Department |
| स्तर | राज्य सरकार (Uttarakhand) |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन और ऑफलाइन |
लाभ
- कृषि एवं पशुपालन संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु विषय विशेषज्ञों से तकनीकी मार्गदर्शन।
- हाइड्रोपोनिक्स और मृदाहीन (सॉइलेस) खेती की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण।
- कीवी उत्पादन, सब्जी उत्पादन और पुष्पकृषि (फ्लोरीकल्चर) पर तकनीकी ज्ञान का प्रसार।
- स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मछली पालन और मधुमक्खी पालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण।
- जैव प्रौद्योगिकी तकनीकों के माध्यम से किसानों और युवाओं की आजीविका व आय में वृद्धि।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- आवेदक उत्तराखंड राज्य का मूल निवासी होना चाहिए।
- आवेदक एक किसान, युवा, स्वयं सहायता समूह का सदस्य या पशुपालक होना चाहिए।
- कृषि या जैव प्रौद्योगिकी से जुड़े विद्यार्थी भी इसमें भाग लेने के पात्र हैं।
जरूरी दस्तावेज
- उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज।
आवेदन कैसे करें
- 1उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा विवरणिकाओं, पर्चों या सोशल मीडिया के माध्यम से जारी संगोष्ठी की सूचना देखें।
- 2संगोष्ठी के विषय, तिथि और प्रशिक्षण स्थान की जानकारी की पुष्टि करें।
- 3दी गई सूचना के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से या निर्धारित पंजीकरण केंद्र पर जाकर अपना नाम पंजीकृत कराएं।
- 4परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक विवरण और दस्तावेज प्रस्तुत करें।
- 5पंजीकरण की पुष्टि होने के बाद निर्धारित तिथि पर प्रशिक्षण अथवा संगोष्ठी में भाग लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किसान-वैज्ञानिक संगोष्ठी में कौन भाग ले सकता है?+
उत्तराखंड के किसान, युवा, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य, पशुपालक और कृषि विषय के छात्र इसमें भाग ले सकते हैं।
इस संगोष्ठी में किन विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है?+
इसमें हाइड्रोपोनिक्स, मृदाहीन खेती, कीवी उत्पादन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, सब्जी उत्पादन और पुष्पकृषि जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाता है।
क्या छात्र भी इस योजना के तहत भाग ले सकते हैं?+
हाँ, कृषि अथवा जैव प्रौद्योगिकी से जुड़े छात्र इन संगोष्ठियों में भाग ले सकते हैं।
आगामी संगोष्ठियों की जानकारी कैसे प्राप्त होती है?+
परिषद द्वारा ब्रोशर, पत्रकों और सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से समय-समय पर संगोष्ठियों की जानकारी दी जाती है।
क्या योजना के अंतर्गत कोई नकद सहायता दी जाती है?+
आधिकारिक विवरण में नकद सहायता का उल्लेख नहीं है; इसमें केवल तकनीकी प्रशिक्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन दिया जाता है।
संगोष्ठी के लिए पंजीकरण कैसे किया जाता है?+
सूचना मिलने के बाद इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन या निर्धारित पंजीकरण केंद्रों पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)