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खेलो इंडिया केंद्र एवं खेल अकादमी घटक

आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English

संक्षेप में

यह योजना खेल केंद्रों, उत्कृष्टता केंद्रों और खेल अकादमियों को वित्तीय सहायता देकर खेल प्रतिभाओं को निखारने का काम करती है। इसमें बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षकों, खेल विज्ञान और खिलाड़ियों के रहने-खाने के लिए अनुदान दिया जाता है। संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के खेल विभाग के माध्यम से प्रस्ताव भेजे जाते हैं।

एक नज़र में

मंत्रालय / विभागMinistry Of Youth Affairs & Sports
स्तरकेंद्र सरकार
आवेदन का तरीकाऑफलाइन

लाभ

  • खेलो इंडिया केंद्रों के लिए प्रति खेल विधा अधिकतम ₹5,00,000 का वार्षिक आवर्ती अनुदान।
  • पूर्व चैंपियन एथलीटों के लिए ₹25,000 प्रति माह की दर से ₹3,00,000 वार्षिक मानदेय का प्रावधान।
  • नए स्वीकृत केंद्रों या खेल विधाओं के लिए अधिकतम ₹5,00,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता।
  • आवासीय केंद्रों के लिए प्रति खिलाड़ी अधिकतम ₹1,50,000 प्रति वर्ष का अनुदान (आवास, भोजन, शिक्षा और खेल सामग्री हेतु)।
  • खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 'वन स्टेट वन गेम' विधाओं और खेल विज्ञान के लिए आवश्यकता आधारित वित्तपोषण।
  • खेल अकादमियों को उच्च प्रदर्शन निदेशक, कोच, खेल वैज्ञानिक, उपकरण और संचालन के लिए वित्तीय सहायता।
  • ई-खेल पाठशाला के माध्यम से ऑनलाइन खेल प्रशिक्षण और खेल शिक्षा की सुविधा।

कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)

  • स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हेतु: राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सरकार की खेल सुविधाएं जिनके पास बुनियादी ढांचा, स्टाफ और खिलाड़ियों के राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर का रिकॉर्ड हो।
  • खेलो इंडिया केंद्र हेतु: राज्य सरकार, पीएसयू, स्वायत्त निकाय, स्कूल, विश्वविद्यालय (निजी सहित) या अन्य पात्र संगठन जिन्हें राज्य/यूटी सरकार द्वारा अनुशंसित किया गया हो।
  • अन्य आवासीय केंद्र हेतु: खेल और पढ़ाई में अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड रखने वाले और पर्याप्त आवासीय सुविधा युक्त मौजूदा खेल केंद्र।
  • खेल अकादमियों हेतु: भारतीय खेल प्राधिकरण, राज्य सरकारें, राष्ट्रीय खेल महासंघ, सार्वजनिक/निजी संस्थाएं या प्रख्यात खिलाड़ियों द्वारा स्थापित अकादमियां।

जरूरी दस्तावेज

  • विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर)
  • निर्धारित प्रस्ताव या आवेदन पत्र
  • खेल बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षण सुविधाओं का विवरण
  • प्रशिक्षकों (कोच) और सहायक कर्मचारियों का विवरण
  • केंद्र में प्रशिक्षित एथलीटों के प्रदर्शन का रिकॉर्ड
  • जिला खेल अधिकारी की सिफारिश (निजी/गैर-सरकारी संस्थानों के लिए)
  • संबंधित जिले के प्रशासनिक प्रमुख की सिफारिश (निजी/गैर-सरकारी संस्थानों के लिए)
  • राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सरकार की अनुशंसा
  • वायबिलिटी गैप असेसमेंट रिपोर्ट (जहाँ लागू हो)
  • केंद्र प्रबंधन और संचालन का विवरण
  • आवासीय एवं भोजन सुविधा का विवरण (आवासीय केंद्रों के लिए)
  • खेल विधाओं का विवरण
  • बजट और लागत अनुमान
  • सहमति पत्र (एमओयू) यदि लागू हो

आवेदन कैसे करें

  1. 1राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सरकार आवेदन आमंत्रित करती है या पात्र खेल केंद्रों की पहचान करती है।
  2. 2आवेदक संस्थान अपना निर्धारित प्रस्ताव नामित राज्य खेल प्राधिकरण के माध्यम से प्रस्तुत करता है।
  3. 3राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सरकार प्रस्तावों की जांच कर पात्र केंद्रों को शॉर्टलिस्ट करती है।
  4. 4शॉर्टलिस्ट किए गए प्रस्ताव युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय को भेजे जाते हैं।
  5. 5परियोजना मूल्यांकन समिति इन प्रस्तावों का मूल्यांकन करती है।
  6. 6विभागीय परियोजना अनुमोदन समिति (डीपीएसी) पात्र प्रस्तावों को मंजूरी देती है।
  7. 7आवश्यकतानुसार स्थल निरीक्षण और सत्यापन किया जाता है।
  8. 8सक्षम प्राधिकारी द्वारा वित्तीय आवश्यकताओं को अंतिम रूप देकर स्वीकृत किया जाता है।
  9. 9मंत्रालय स्वीकृति आदेश जारी करता है और स्वीकृत कार्यान्वयन एजेंसी को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खेलो इंडिया केंद्र को प्रतिवर्ष कितना अनुदान मिलता है?+

खेलो इंडिया केंद्र को प्रति खेल विधा अधिकतम ₹5,00,000 का वार्षिक आवर्ती अनुदान मिल सकता है।

पूर्व चैंपियन एथलीट को कितना मानदेय दिया जाता है?+

पूर्व चैंपियन एथलीट के मानदेय के लिए प्रति वर्ष ₹3,00,000 (यानी ₹25,000 प्रति माह) निर्धारित हैं।

क्या नए केंद्रों के लिए एकमुश्त सहायता मिलती है?+

हाँ, नए केंद्रों या खेल विधाओं की तैयारी और खेल उपकरण खरीदने के लिए अधिकतम ₹5,00,000 का एकमुश्त अनुदान मिलता है।

आवासीय खेल केंद्रों में प्रति प्रशिक्षु कितनी राशि का प्रावधान है?+

आवासीय केंद्रों में बोर्डिंग, शिक्षा और खेल एक्सपोजर के लिए प्रति प्रशिक्षु अधिकतम ₹1,50,000 प्रति वर्ष तक का अनुदान दिया जा सकता है।

क्या निजी अकादमियां और विश्वविद्यालय इस योजना में भाग ले सकते हैं?+

हाँ, निजी विश्वविद्यालय और मान्यता प्राप्त खेल अकादमियां राज्य सरकार की अनुशंसा और आवश्यक मानकों के आधार पर पात्र हैं।

ई-खेल पाठशाला क्या है?+

ई-खेल पाठशाला इस योजना के अंतर्गत ऑनलाइन खेल प्रशिक्षण और खेल शिक्षा प्रदान करने की एक डिजिटल पहल है।

NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)