जूट रिसोर्स-कम-प्रोडक्शन सेंटर (जेआरसीपीसी) योजना 2026
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
जूट रिसोर्स-कम-प्रोडक्शन सेंटर योजना के तहत देशभर में अनुभवी संस्थाओं के साथ मिलकर प्रशिक्षण और उत्पादन केंद्र स्थापित किए जाते हैं। यह योजना कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को जूट विविध उत्पादों के निर्माण के लिए प्रशिक्षण, कच्चा माल और विपणन सहायता देती है। इच्छुक संस्थाएं राष्ट्रीय जूट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं और कागजात क्षेत्रीय कार्यालय में जमा कर सकती हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Ministry Of Textiles |
| स्तर | केंद्र सरकार |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन और ऑफलाइन |
लाभ
- देशभर में जूट विविधीकरण कार्यक्रमों और गतिविधियों का विस्तार करना।
- प्लास्टिक की थैलियों के सुरक्षित विकल्प के रूप में पर्यावरण-अनुकूल जूट को बढ़ावा देना।
- कारीगरों, उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, डिजाइन, कच्चा माल और विपणन सहायता प्रदान करने हेतु केंद्रों की स्थापना।
- स्थानीय स्तर पर जूट उत्पाद निर्माण इकाइयों की स्थापना और विस्तार में सहायता करना।
- उत्पादन केंद्रों के माध्यम से लगभग 10,800 लाभार्थियों के लिए निरंतर रोजगार सृजित करना।
- प्रशिक्षण के कुल लाभार्थियों में से 70% से अधिक महिलाओं को शामिल कर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।
- सुधार गृहों के बंदियों और पुलिस व सशस्त्र बलों के कल्याणकारी संघों के परिवारों को जूट गतिविधियों से जोड़ना।
- जूट विविध उत्पादों के निर्माण हेतु लगभग 18,000 व्यक्तियों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करना।
- कच्चे माल की आपूर्ति हेतु जेआरएमबी और बिक्री के लिए जूट रिटेल आउटलेट्स तथा प्रदर्शनियों के माध्यम से लिंकेज उपलब्ध कराना।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- आवेदन करने वाली संस्था और उसके पदाधिकारी भारतीय नागरिक तथा प्रामाणिक भारतीय संस्थाएं होने चाहिए।
- जूट उत्पाद निर्माण, थोक उत्पादन, कौशल प्रशिक्षण और विपणन में कम से कम 3 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंजीकृत उद्यमी, निर्यातक, गैर-सरकारी संगठन, सहकारी समितियां या पीएसयू पात्र हैं।
- हथकरघा, हस्तशिल्प या कपड़ा क्षेत्र में महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रशिक्षण और विकास में 3 वर्ष का अनुभव रखने वाली संस्थाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
- संस्था के पास कम से कम 250 वर्ग फुट का कार्यालय स्थान होना चाहिए, जिसमें फोन, कंप्यूटर और ईमेल की सुविधा हो।
- जूट रिसोर्स-कम-प्रोडक्शन सेंटर स्थापित करने के लिए कम से कम 500 वर्ग फुट का उपयुक्त स्थान होना अनिवार्य है।
जरूरी दस्तावेज
- स्वामित्व प्रमाण पत्र (एमओयू, एओए, साझेदारी विलेख, समिति पंजीकरण या व्यापार लाइसेंस) और अधिकृत प्रतिनिधि का आधार कार्ड या पता प्रमाण।
- पिछले वित्तीय वर्ष का आयकर रिटर्न और पैन विवरण।
- पिछले 3 वित्तीय वर्षों के पैन और जीएसटी रिटर्न का विवरण।
- पिछले 3 वित्तीय वर्षों की वार्षिक रिपोर्ट।
- पिछले 3 वर्षों के लेखापरीक्षित वित्तीय विवरण।
- संस्था की साख और कार्य अनुभव को प्रमाणित करने वाले अन्य दस्तावेज।
- जिला मजिस्ट्रेट, कलेक्टर, डीआईसी, नाबार्ड, डीआरडीए या बीडीओ से प्राप्त सिफारिश पत्र (यदि उपलब्ध हो)।
- जूट विविधीकरण क्षेत्र में प्रशिक्षण, डिजाइन, उत्पादन और विपणन के अनुभव और पुरस्कारों का विवरण।
- प्रस्तावित प्रशिक्षण, डिजाइन इनपुट और बाजार संवर्धन को रेखांकित करने वाला कॉन्सेप्ट या अप्रोच नोट।
- संस्था का शपथ पत्र कि आवंटित केंद्र कम से कम एक वर्ष तक संचालित किया जाएगा।
आवेदन कैसे करें
- 1राष्ट्रीय जूट बोर्ड (एनजेबी) की आधिकारिक वेबसाइट jute.com पर जाएं।
- 2निर्धारित प्रारूप में अपना प्रस्ताव ऑनलाइन पूरा करें और जमा करें।
- 3ऑनलाइन आवेदन का प्रिंट आउट निकालें और सभी आवश्यक प्रमाणित दस्तावेज संलग्न करें।
- 4संस्था के आधिकारिक लेटरहेड पर एक कवरिंग पत्र तैयार करें।
- 5पूरा आवेदन पत्र अपने संबंधित क्षेत्र के एनजेबी प्रधान कार्यालय या क्षेत्रीय कार्यालय में जमा करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जेआरसीपीसी योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?+
इस योजना का उद्देश्य देशभर में जूट प्रशिक्षण और उत्पादन केंद्र स्थापित कर जूट उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देना और निरंतर रोजगार के अवसर तैयार करना है।
इस केंद्र को स्थापित करने के लिए कौन आवेदन कर सकता है?+
कम से कम 3 वर्ष का अनुभव रखने वाले पंजीकृत जूट उद्यमी, निर्यातक, गैर-सरकारी संगठन, सहकारी समितियां और संबंधित सरकारी एजेंसियां इसके लिए आवेदन कर सकती हैं।
केंद्र स्थापित करने के लिए कितनी जगह की आवश्यकता होती है?+
संस्था के पास कार्यालय के लिए कम से कम 250 वर्ग फुट और उत्पादन केंद्र की स्थापना के लिए कम से कम 500 वर्ग फुट की जगह होनी चाहिए।
योजना के तहत कितने लोगों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है?+
योजना के तहत लगभग 18,000 व्यक्तियों को जूट विविध उत्पादों के निर्माण में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है, जिनमें 70% से अधिक महिलाएं होंगी।
उत्पादों के विपणन और कच्चे माल के लिए क्या सहायता मिलती है?+
योजना के अंतर्गत जूट रॉ मैटेरियल बैंक से कच्चा माल और एनजेबी के रिटेल आउटलेट्स व प्रदर्शनियों के माध्यम से बिक्री सहायता दी जाती है।
क्या केंद्र को संचालित करने की कोई न्यूनतम अवधि तय है?+
हां, चयनित संस्था को यह वचन देना होता है कि आवंटित केंद्र को कम से कम एक वर्ष तक संचालित किया जाएगा।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)