आईसीएसएसआर शोध पत्रिका अनुदान 2026
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
आईसीएसएसआर शोध पत्रिका अनुदान के अंतर्गत विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और सामाजिक विज्ञान शोध संस्थानों को प्रति पत्रिका प्रति वर्ष ₹5,00,000 तक का वित्तीय अनुदान दिया जाता है। यह सहायता उन पीयर-रिव्यूड पत्रिकाओं को मिलती है जो कम से कम तीन वर्षों से नियमित रूप से प्रकाशित हो रही हैं। पात्र संगठन ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से पूरे वर्ष आवेदन जमा कर सकते हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Ministry of Education |
| स्तर | केंद्र सरकार |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन और ऑफलाइन |
लाभ
- प्रति पत्रिका प्रति वर्ष अधिकतम ₹5,00,000 तक का अनुदान।
- एक ही संगठन द्वारा कई पत्रिकाएं प्रकाशित करने पर अधिकतम ₹8,00,000 तक की सहायता।
- व्यावसायिक प्रकाशकों वाली पत्रिकाओं के संपादकीय खर्च के लिए प्रति पत्रिका ₹1,00,000 (एकाधिक पत्रिकाओं हेतु अधिकतम ₹2,00,000) की सहायता।
- विशेष अंकों या पुराने खंडों के प्रकाशन के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता।
- अनुदान दो किस्तों में जारी: पहली किस्त 90% और शेष 10% अंकेक्षित खातों और उपयोगिता प्रमाण पत्र के जमा होने के बाद।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- आवेदक विश्वविद्यालय, कॉलेज, शोध संस्थान या सामाजिक वैज्ञानिकों का पंजीकृत संगठन होना चाहिए।
- निजी वित्तपोषित संस्थान या संघ का सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है।
- पत्रिका का कम से कम तीन वर्षों से नियमित प्रकाशन का रिकॉर्ड होना चाहिए।
- पत्रिका को पेशेवर मानकों और सहकर्मी-समीक्षा (पीयर-रिव्यू) प्रणाली का पालन करना आवश्यक है।
- संस्थान को पिछले तीन वर्षों के अंकेक्षित खाते और वार्षिक रिपोर्ट जमा करनी होगी।
- क्षेत्रीय भाषाओं और उनके अनुवाद में प्रकाशित होने वाली पत्रिकाएं भी पात्र हैं।
- अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति श्रेणी के तहत आवेदन करने वाली पत्रिकाओं का विषय इनसे संबंधित होना अनिवार्य है।
जरूरी दस्तावेज
- संस्थान प्रमुख द्वारा हस्ताक्षरित पूर्ण आवेदन पत्र
- संस्थान या संगठन का विस्तृत विवरण
- पिछले तीन वर्षों के अंकेक्षित खाते और वार्षिक रिपोर्ट
- कम से कम 3 वर्षों के नियमित प्रकाशन का प्रमाण
- सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकरण प्रमाण पत्र (संघों के लिए)
- सहकर्मी समीक्षा (पीयर-रिव्यू) नीति और मानक दस्तावेज
- ग्रांट-इन-एड बिल (जीआईबी) और पीएफएमएस बैंक विवरण
- अंकेक्षित लेखा विवरण और उपयोगिता प्रमाण पत्र (दूसरी किस्त हेतु)
आवेदन कैसे करें
- 1आईसीएसएसआर की आधिकारिक वेबसाइट या विज्ञापन से आवेदन प्रारूप प्राप्त करें।
- 2आवेदन पत्र भरकर संगठन का विवरण, 3 वर्षों के अंकेक्षित खाते और पीयर-रिव्यू दस्तावेज संलग्न करें तथा संस्थान प्रमुख के हस्ताक्षर कराएं।
- 3आवेदन को ऑनलाइन जमा करें या उसकी प्रति आईसीएसएसआर, अरुणा आसफ अली मार्ग, नई दिल्ली - 110067 पर भेजें।
- 4पीआरएस प्रभाग द्वारा प्रारंभिक जांच और विशेषज्ञ समिति द्वारा मूल्यांकन की प्रतीक्षा करें।
- 5चयन के बाद स्वीकृति पत्र प्राप्त करें तथा 90% की पहली किस्त के लिए पीएफएमएस विवरण और जीआईबी जमा करें।
- 6निर्धारित व्यय के बाद अंकेक्षित लेखा विवरण और उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करके शेष 10% राशि प्राप्त करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस योजना के तहत अधिकतम कितना अनुदान मिलता है?+
एक पत्रिका के लिए प्रति वर्ष अधिकतम ₹5,00,000 और एक से अधिक पत्रिकाओं के लिए अधिकतम ₹8,00,000 तक का अनुदान दिया जाता है।
क्या नई शोध पत्रिकाएं इस अनुदान के लिए आवेदन कर सकती हैं?+
नहीं, पत्रिका का कम से कम तीन वर्षों से नियमित रूप से प्रकाशित होना आवश्यक है।
आवेदन करने की अंतिम तिथि क्या है?+
आईसीएसएसआर के पीआरएस प्रभाग द्वारा इसके लिए वर्ष भर आवेदन स्वीकार किए जाते हैं।
क्या व्यावसायिक प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित पत्रिकाएं भी पात्र हैं?+
हाँ, लेकिन उन्हें केवल संपादकीय और प्रसंस्करण खर्च के लिए प्रति पत्रिका अधिकतम ₹1,00,000 (एकाधिक पर ₹2,00,000) तक की सहायता मिलती है।
ऑफलाइन आवेदन कहाँ भेजना होता है?+
आवेदन आईसीएसएसआर, अरुणा आसफ अली मार्ग, नई दिल्ली - 110067 के पते पर भेजा जाना चाहिए।
क्या पत्रिका में पीयर-रिव्यू होना अनिवार्य है?+
हाँ, पत्रिका का सहकर्मी-समीक्षित (पीयर-रिव्यूड) होना अनिवार्य है।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)