हिमाचल प्रदेश कौशल विकास भत्ता योजना 2026
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
कौशल विकास भत्ता योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के दौरान ₹1,000 प्रति माह और दिव्यांगजनों को ₹1,500 प्रति माह का भत्ता दिया जाता है। यह आर्थिक सहायता अधिकतम दो वर्ष की अवधि के लिए प्रदान की जाती है। राज्य के रोजगार कार्यालय में पंजीकृत पात्र युवा फॉर्म 'ए' भरकर अपने संबंधित रोजगार कार्यालय में जमा करके आवेदन कर सकते हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Labour and Employment Department, Himachal Pradesh |
| स्तर | राज्य सरकार (Himachal Pradesh) |
| आयु | 16–44 वर्ष |
| आय सीमा | ₹2 lakh |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन |
लाभ
- सामान्य श्रेणी के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को ₹1,000 प्रति माह का भत्ता मिलता है।
- रोजगार कार्यालय रिकॉर्ड (एक्स-I) में न्यूनतम 50% स्थायी दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को ₹1,500 प्रति माह की सहायता दी जाती है।
- यह भत्ता प्रशिक्षण अवधि के दौरान अधिकतम दो वर्षों के लिए देय है।
- भत्ते का भुगतान बैंक खाते में आरटीजीएस, एनईएफटी या ईसीएस के माध्यम से सीधे मासिक आधार पर किया जाता है।
- यह राशि प्रशिक्षण के दौरान ट्यूशन फीस, अध्ययन सामग्री, परिवहन और रहने के खर्च को पूरा करने में मदद करती है।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- आवेदक हिमाचल प्रदेश का वास्तविक (बोनाफाइड) निवासी होना चाहिए।
- आवेदक पूरी तरह बेरोजगार होना चाहिए (सरकारी, निजी या स्व-रोजगार में कार्यरत न हो)।
- आवेदन की तारीख पर हिमाचल प्रदेश के किसी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत होना अनिवार्य है।
- आवेदक किसी कौशल विकास प्रशिक्षण में नामांकित होना चाहिए।
- मान्यता प्राप्त संस्थान से न्यूनतम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है (राजमिस्त्री, बढ़ईगीरी, लोहारगिरी या प्लंबिंग जैसे ट्रेडों के लिए कोई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता जरूरी नहीं है)।
- आवेदन की तारीख को आयु 16 वर्ष से अधिक और 36 वर्ष से कम होनी चाहिए (विधवाओं के मामले में 45 वर्ष से कम)।
- परिवार की कुल वार्षिक आय (पति/पत्नी सहित) आवेदन से पिछले वित्तीय वर्ष में ₹2.00 लाख से कम होनी चाहिए।
- मनरेगा के तहत किए गए काम को रोजगार नहीं माना जाएगा।
- आवेदक किसी सरकारी सेवा से बर्खास्त न हो और 48 घंटे या अधिक की कैद की सजा न पाई हो।
जरूरी दस्तावेज
- पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन फॉर्म 'ए'।
- रोजगार पंजीकरण कार्ड (एक्स-10) की सत्यापित प्रति।
- कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा जारी वैध पारिवारिक आय प्रमाण पत्र (आवेदन की तारीख से 6 महीने के भीतर जारी)।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें स्पष्ट हो कि आवेदक सरकारी या सार्वजनिक उपक्रम में कार्यरत नहीं है।
- विभागीय प्रारूप (फॉर्म 'सी') के अनुसार बेरोजगारी का स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र।
- हिमाचली बोनाफाइड प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति।
- कौशल विकास प्रशिक्षण में प्रवेश या नामांकन प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति।
- आवेदक के नाम से सक्रिय बैंक खाते का कैंसिल चेक।
- आयु और शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण के लिए 8वीं या 10वीं कक्षा का अंकपत्र या प्रमाण पत्र।
- विधवा होने की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति।
- आधार कार्ड की सत्यापित प्रति।
आवेदन कैसे करें
- 1सुनिश्चित करें कि आप हिमाचल प्रदेश के किसी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत हैं।
- 2रोजगार कार्यालय या आधिकारिक राज्य पोर्टल से निर्धारित आवेदन फॉर्म 'ए' प्राप्त करें।
- 3आवेदन फॉर्म को पूरा भरें और सभी आवश्यक दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां संलग्न करें।
- 4भरा हुआ फॉर्म अपने पंजीकृत रोजगार कार्यालय या प्रशिक्षण केंद्र क्षेत्र के रोजगार कार्यालय में डाक द्वारा या व्यक्तिगत रूप से जमा करें।
- 5आवेदन जमा करने के बाद फॉर्म 'बी' में रसीद प्राप्त करें।
- 6प्रारंभिक आवेदन के बाद प्रत्येक वर्ष मार्च के महीने में अपने पंजीकृत रोजगार कार्यालय में फॉर्म 'सी' के अनुसार शपथ पत्र जमा करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कौशल विकास भत्ता योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?+
योजना के तहत सामान्य बेरोजगार युवाओं को ₹1,000 प्रति माह और कम से कम 50% दिव्यांगता वाले अभ्यर्थियों को ₹1,500 प्रति माह का भत्ता मिलता है।
यह भत्ता अधिकतम कितने समय तक दिया जाता है?+
यह कौशल विकास भत्ता प्रशिक्षण अवधि के दौरान अधिकतम दो वर्ष के लिए दिया जाता है।
योजना के लिए आयु सीमा क्या निर्धारित है?+
आवेदक की आयु 16 वर्ष से अधिक और 36 वर्ष से कम होनी चाहिए, जबकि विधवा आवेदकों के लिए ऊपरी आयु सीमा 45 वर्ष से कम है।
पात्रता के लिए पारिवारिक आय की क्या सीमा है?+
आवेदन से पिछले वित्तीय वर्ष में परिवार की कुल वार्षिक आय सभी स्रोतों से ₹2.00 लाख से कम होनी चाहिए।
क्या सभी कोर्स के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य है?+
सामान्यतः न्यूनतम 8वीं पास होना जरूरी है, लेकिन राजमिस्त्री, बढ़ईगीरी, लोहारगिरी या प्लंबिंग जैसे ट्रेडों में प्रशिक्षण लेने के लिए किसी न्यूनतम योग्यता की आवश्यकता नहीं है।
क्या मनरेगा में कार्यरत युवा इस भत्ते के लिए आवेदन कर सकते हैं?+
हाँ, इस योजना के अंतर्गत मनरेगा के तहत किए गए काम को रोजगार नहीं माना जाता है, इसलिए ऐसे युवा भी आवेदन कर सकते हैं।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)