हरित कौशल विकास कार्यक्रम (जीएसडीपी) उत्तराखंड
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
उत्तराखंड में हरित कौशल विकास कार्यक्रम छात्रों, किसानों और युवाओं को पर्यावरण और जैव विविधता के क्षेत्र में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करता है। इसका संचालन गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान द्वारा किया जाता है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित फॉर्म भरकर ऑफलाइन या ईमेल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Department Of Education |
| स्तर | राज्य सरकार (Uttarakhand) |
| आयु | 54 वर्ष तक |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन और ऑफलाइन |
लाभ
- पक्षी पहचान, वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता व्याख्या और पर्यावरण-पर्यटन जैसे विषयों में पूरी तरह निःशुल्क प्रशिक्षण।
- ज्ञान-आधारित कौशल हासिल कर स्वरोजगार और स्वतंत्र आजीविका शुरू करने का अवसर।
- सरकारी योजनाओं और पर्यावरण परियोजनाओं में मास्टर ट्रेनर या विशेषज्ञ के रूप में कार्य करने की पात्रता।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- आवेदक छात्र, किसान, युवा या स्वरोजगार के इच्छुक व्यक्ति होने चाहिए।
- आवेदक का कम से कम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
- आवेदन के समय अभ्यर्थी की आयु 55 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- आवेदक की वन्यजीव, जैव विविधता या पर्यावरण संरक्षण विषयों में रुचि होनी चाहिए।
जरूरी दस्तावेज
- पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र।
- हाल ही में खींचा गया पासपोर्ट आकार का फोटो।
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्रों की स्व-प्रमाणित प्रतियां।
- संस्थान द्वारा मांगे गए अन्य आवश्यक दस्तावेज।
आवेदन कैसे करें
- 1आधिकारिक पोर्टल से निर्धारित आवेदन पत्र डाउनलोड करें या संस्थान से प्राप्त करें।
- 2फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और पसंदीदा कोर्स का विवरण ध्यानपूर्वक भरें।
- 3फॉर्म पर पासपोर्ट साइज फोटो लगाएं और जरूरी प्रमाण पत्रों की स्व-प्रमाणित प्रतियां संलग्न करें।
- 4पूर्ण रूप से भरे फॉर्म को संस्थान के कार्यालय में जमा करें अथवा निर्दिष्ट ईमेल पते पर भेजें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हरित कौशल विकास कार्यक्रम के लिए कौन पात्र है?+
कम से कम 10वीं पास छात्र, किसान और युवा जिनकी आयु 55 वर्ष से कम है और पर्यावरण में रुचि रखते हैं, इसके लिए पात्र हैं।
क्या इस प्रशिक्षण के लिए कोई शुल्क देना पड़ता है?+
नहीं, चयनित अभ्यर्थियों को यह कौशल प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किया जाता है।
इस योजना में किन विषयों का प्रशिक्षण दिया जाता है?+
इसमें पक्षी पहचान, वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता व्याख्या और पर्यावरण-पर्यटन जैसे विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलता है।
जीएसडीपी के लिए आवेदन कैसे करें?+
अभ्यर्थी आवेदन पत्र डाउनलोड कर भरकर संस्थान में जमा कर सकते हैं या इसे ईमेल के माध्यम से भेज सकते हैं।
प्रशिक्षण के लिए चयन की सूचना कैसे मिलती है?+
चयनित अभ्यर्थियों को उनके आवेदन पत्र में दिए गए मोबाइल नंबर या ईमेल के माध्यम से सूचित किया जाता है।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)