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केमिकल प्रमोशन डेवलपमेंट स्कीम (CPDS)

आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English

संक्षेप में

केमिकल प्रमोशन डेवलपमेंट स्कीम (CPDS) रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग द्वारा संचालित है, जो सेमिनार, कार्यशालाओं और अनुसंधान अध्ययनों के आयोजन के लिए सहायता अनुदान देती है। इसके तहत उद्योग रिपोर्ट तैयार करने के लिए अधिकतम ₹7,50,000 और दो दिवसीय कार्यक्रमों के लिए ₹7,00,000 तक की वित्तीय सहायता मिलती है। पात्र संस्थाएं कार्यक्रम से कम से कम 2 महीने पहले आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

एक नज़र में

मंत्रालय / विभागMinistry Of Chemicals And Fertilizers
स्तरकेंद्र सरकार
आवेदन का तरीकाऑनलाइन

लाभ

  • उद्योग अध्ययन व रिपोर्ट तैयार करने हेतु कुल लागत का 50% या अधिकतम ₹7,50,000 (जो भी कम हो) की सहायता।
  • सरकारी एजेंसियों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के लिए संपूर्ण लागत का वहन।
  • उद्योग संघों द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रमों के लिए 50% खर्च या अधिकतम ₹5,00,000 तक का अनुदान।
  • उद्योग संघों द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रमों के लिए 50% खर्च या अधिकतम ₹7,00,000 तक का अनुदान।
  • रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में उत्कृष्ट अनुसंधान व नवाचार के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार।
  • उद्योग सुविधा और सहयोग उपायों को लागू करने हेतु वित्तीय अनुदान।

कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)

  • आवेदक सरकारी एजेंसी (पीएसयू, स्वायत्त निकाय, सरकारी संस्थान), उद्योग संघ या विशिष्ट संगठन होना चाहिए।
  • इवेंट मैनेजर या इवेंट प्रबंधन संस्थाएं इसके लिए पात्र नहीं हैं।
  • सामान्य वित्तीय नियम (GFR) 2017 के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है।
  • पीएफएमएस (PFMS) के ईएटी (EAT) मॉड्यूल के निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
  • गैर-सरकारी संस्थाओं का नीति आयोग में पंजीकृत होना और यूनिक आईडी होना अनिवार्य है।
  • विशिष्ट संगठनों का कम से कम 5 वर्षों से कार्यरत होना आवश्यक है।
  • विशिष्ट संगठनों के पास इस क्षेत्र में ज्ञान प्रसार कार्यक्रमों के सफल आयोजन का पिछला अनुभव होना चाहिए।

जरूरी दस्तावेज

  • संस्था का पंजीकरण प्रमाण पत्र
  • मेमोरेंडम और आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन
  • पिछले तीन वर्षों के अंकेक्षित वार्षिक लेखे (ऑडिटेड अकाउंट्स)
  • प्रस्तावित सलाहकारों का तकनीकी बायोडाटा
  • संस्था की उपलब्धियों को दर्शाने वाले प्रासंगिक दस्तावेज
  • सेमिनार या कार्यशाला का विस्तृत कार्यक्रम विवरण
  • विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी (यदि विदेशी प्रतिभागी शामिल हों)
  • गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी (यदि विदेशी प्रतिभागी शामिल हों)
  • नीति आयोग से प्राप्त यूनिक आईडी (गैर-सरकारी संस्थाओं हेतु)
  • निर्धारित प्रारूप में स्योरिटी बॉन्ड और उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी)

आवेदन कैसे करें

  1. 1चरण 1: रसायन और पेट्रोकेमिकल विभाग के आधिकारिक पोर्टल (cpds.chemicals.gov.in) पर जाएं।
  2. 2चरण 2: वार्षिक कैलेंडर तैयार करने के नोटिस के अनुसार प्रस्तावित कार्यक्रम, विषय, वक्ताओं और संभावित तिथि का प्रारंभिक प्रस्ताव जमा करें।
  3. 3चरण 3: समिति द्वारा वार्षिक कैलेंडर के अनुमोदन और सचिव (सी एंड पीसी) की औपचारिक स्वीकृति की प्रतीक्षा करें।
  4. 4चरण 4: कैलेंडर स्वीकृत होने के बाद, कार्यक्रम की तिथि से कम से कम 2 महीने पहले सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ विस्तृत ऑनलाइन आवेदन जमा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उद्योग अध्ययन के लिए इस योजना में अधिकतम कितना अनुदान मिलता है?+

अध्ययन रिपोर्ट के लिए कुल लागत का 50% या अधिकतम ₹7,50,000 (जो भी कम हो) का अनुदान दिया जाता है।

दो दिवसीय सेमिनार के लिए उद्योग संघों को कितनी सहायता मिलती है?+

दो दिवसीय कार्यक्रम के लिए कुल अनुमानित खर्च का 50% या अधिकतम ₹7,00,000 तक की वित्तीय सहायता मिलती है।

क्या प्राइवेट इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां इस अनुदान के लिए आवेदन कर सकती हैं?+

नहीं, किसी भी इवेंट मैनेजर को इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की जाती है।

क्या गैर-सरकारी संगठनों के लिए नीति आयोग में पंजीकरण आवश्यक है?+

हां, सभी गैर-सरकारी संस्थाओं को नीति आयोग में पंजीकृत होना और यूनिक आईडी प्राप्त करना अनिवार्य है।

कार्यक्रम से कितने समय पहले आवेदन करना जरूरी है?+

कैलेंडर स्वीकृत होने के बाद, प्रस्तावित कार्यक्रम की तारीख से कम से कम 2 महीने पहले ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा।

उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) जमा करने की अंतिम तिथि क्या है?+

सहायता प्राप्त सभी संगठनों को आगामी वित्तीय वर्ष की 30 जून तक निर्धारित प्रारूप में उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है।

NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)