संशोधित प्रौद्योगिकी उन्नयन कोष योजना (ATUFS)
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
वस्त्र मंत्रालय द्वारा संचालित संशोधित प्रौद्योगिकी उन्नयन कोष योजना (ATUFS) नई मानक मशीनरी स्थापित करने वाले वस्त्र निर्माताओं को 15% तक (अधिकतम ₹30 करोड़) पूंजी निवेश सब्सिडी प्रदान करती है। कंपनी अधिनियम या एमएसएमई के तहत पंजीकृत वस्त्र इकाइयाँ इसके लिए पात्र हैं। मशीनरी स्थापित करने के बाद iTUFS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Ministry Of Textiles |
| स्तर | केंद्र सरकार |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
लाभ
- परिधान निर्माण (गार्मेंटिंग) और तकनीकी वस्त्रों के लिए पात्र मशीनों पर 15% पूंजी निवेश सब्सिडी (अधिकतम ₹30 करोड़ प्रति इकाई)।
- बुनाई (शटल-लेस लूम, जूट, रेशम, हथकरघा) क्षेत्र के लिए 10% पूंजी निवेश सब्सिडी (अधिकतम ₹20 करोड़ प्रति इकाई)।
- मिश्रित (कंपोजिट) इकाइयां जहाँ गार्मेंटिंग/तकनीकी वस्त्रों में 50% से अधिक निवेश है, उन्हें 15% सब्सिडी (अधिकतम ₹30 करोड़)।
- मिश्रित इकाइयां जहाँ गार्मेंटिंग/तकनीकी वस्त्रों में 50% से कम निवेश है, उन्हें 10% सब्सिडी (अधिकतम ₹20 करोड़)।
- मशीन की लागत के 20% तक आवश्यक सहायक उपकरण (एक्सेसरीज़) और नमूना मशीनें भी पात्र।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- इकाई का कंपनी अधिनियम या एमएसएमई (उद्यम) के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है।
- इकाई के पास औद्योगिक उद्यमी ज्ञापन (IEM) की पावती या राज्य वस्त्र निदेशालय का पंजीकरण होना चाहिए।
- वस्त्र निर्माण करने वाली नई और पुरानी दोनों इकाइयाँ योजना के तहत पात्र हैं।
- केवल अधिसूचित निर्माताओं या उनके अधिकृत एजेंटों से खरीदी गई नई मानक मशीनरी ही मान्य है।
- मशीनरी अधिसूचित ऋणदाता एजेंसी से मियादी ऋण (टर्म लोन) स्वीकृत होने के बाद खरीदी गई हो।
- मशीनों पर मशीन पहचान कोड (MIC) स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए।
- संयुक्त निरीक्षण दल (JIT) द्वारा मशीनरी का भौतिक सत्यापन होना आवश्यक है।
जरूरी दस्तावेज
- कंपनी निगमन प्रमाणपत्र या एमएसएमई/उद्यम पंजीकरण प्रमाणपत्र।
- औद्योगिक उद्यमी ज्ञापन (IEM) पावती या राज्य वस्त्र विभाग का पंजीकरण।
- मानक मशीनरी का वाणिज्यिक खरीद बिल (इनवॉइस) और भुगतान का प्रमाण (बैंक स्टेटमेंट/रसीद)।
- अधिकृत एजेंट या स्टॉकिस्ट से खरीद की स्थिति में निर्माता का प्राधिकरण प्रमाण पत्र।
- मशीनरी स्थापना (इंसटॉलेशन) प्रमाण पत्र या कमीशनिंग रिपोर्ट।
- अधिसूचित ऋण एजेंसी से मियादी ऋण स्वीकृति पत्र और संवितरण (डिसबर्समेंट) प्रमाण।
- ऋण खाता विवरण (टर्म लोन स्टेटमेंट)।
- मशीनरी नई और अप्रयुक्त होने का स्व-घोषणा पत्र।
- अन्य किसी केंद्रीय योजना से इस मशीनरी पर लाभ न लेने का घोषणा पत्र।
- मशीन पहचान कोड (MIC) प्रदर्शित करती हुई मशीनरी की तस्वीरें।
- संयुक्त निरीक्षण दल (JIT) की सत्यापन रिपोर्ट।
आवेदन कैसे करें
- 1अपनी वस्त्र इकाई में पात्र और मानक मशीनरी स्थापित करें।
- 2आधिकारिक iTUFS पोर्टल (itufs.texmin.gov.in) पर जाएँ और लॉगिन करें।
- 3मशीनरी के विवरण के साथ ऑनलाइन ATUFS आवेदन पत्र भरें।
- 4आवेदन जमा होने के बाद प्रदान की गई विशिष्ट पहचान संख्या (UID) प्राप्त करें।
- 5संयुक्त निरीक्षण दल (JIT) द्वारा संयंत्र और मशीनरी का भौतिक निरीक्षण करवाएं।
- 6सत्यापन और मंजूरी के बाद वस्त्र मंत्रालय द्वारा सब्सिडी राशि जारी की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ATUFS के तहत अधिकतम कितनी सब्सिडी मिलती है?+
गार्मेंटिंग और तकनीकी वस्त्रों के लिए अधिकतम ₹30 करोड़ (15%) और बुनाई, हथकरघा, रेशम व जूट क्षेत्र के लिए अधिकतम ₹20 करोड़ (10%) की सब्सिडी दी जाती है।
क्या पुरानी (सेकंड हैंड) मशीनों पर सब्सिडी मिलती है?+
नहीं, योजना के तहत सेकंड-हैंड मशीनरी की अनुमति नहीं है; केवल नई और मानक मशीनें ही मान्य हैं।
क्या मशीन लगाने से पहले आवेदन कर सकते हैं?+
नहीं, मशीनरी की स्थापना और कमीशनिंग के बाद ही iTUFS पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है।
क्या योजना के लिए बैंक ऋण अनिवार्य है?+
हाँ, यह एक क्रेडिट-लिंक्ड योजना है जिसमें अधिसूचित वित्तीय संस्थान से मियादी ऋण (टर्म लोन) लेना अनिवार्य है।
आवेदन की स्थिति कैसे ट्रैक करें?+
आवेदन जमा होने पर मिलने वाली विशिष्ट पहचान संख्या (UID) के जरिए iTUFS पोर्टल पर स्थिति ट्रैक की जा सकती है।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)