न्यायिक सुधारों पर एक्शन रिसर्च और अध्ययन योजना (SARSJR)
आधिकारिक myScheme रिकॉर्ड से जांचा गया Read in English
संक्षेप में
न्यायिक सुधारों पर एक्शन रिसर्च और अध्ययन योजना के तहत न्याय वितरण और कानूनी सुधारों पर शोध करने के लिए प्रमुख संस्थानों को ₹25,00,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि अध्ययन, सेमिनार, रिपोर्ट प्रकाशन और क्षमता निर्माण के लिए मिलती है। न्याय विभाग द्वारा आमंत्रित पात्र संस्थान अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट ऑफलाइन जमा करते हैं।
एक नज़र में
| मंत्रालय / विभाग | Ministry Of Law and Justice |
| स्तर | केंद्र सरकार |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन |
लाभ
- प्रति परियोजना ₹25,00,000 तक की वित्तीय सहायता (विशेष मामलों में छूट संभव)।
- न्यायिक सुधारों और न्याय प्रणाली पर एक्शन रिसर्च और मूल्यांकन अध्ययन के लिए फंड।
- सेमिनार, सम्मेलन और कार्यशालाएं आयोजित करने के लिए सहायता।
- शोध और निगरानी कार्यों हेतु क्षमता निर्माण गतिविधियों के लिए अनुदान।
- अध्ययन रिपोर्ट और सामग्री के प्रकाशन के लिए वित्तीय मदद।
- अनुदान किश्तों में दिया जाता है और यह केवल वास्तविक खर्च तक ही सीमित होता है।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- संस्थान IIPA, ASCI, IIM, भारतीय विधि संस्थान (ILI), राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLU), NCAER, राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी या राज्य न्यायिक अकादमी में से एक होना चाहिए।
- संस्थान न्याय वितरण, कानूनी शिक्षा एवं अनुसंधान, या न्यायिक सुधार के क्षेत्र में कार्यरत होना चाहिए।
- परियोजना स्वीकृति समिति द्वारा उपयुक्त पाए जाने पर अन्य सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान भी पात्र हो सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज
- परियोजना प्रस्ताव जिसमें नियम, शर्तें और कुल लागत का विवरण हो।
- परियोजना का शीर्षक और कार्यान्वयन एजेंसी का नाम।
- प्रधान समन्वयक का विवरण (नाम, पद और शोध अनुभव)।
- परियोजना के उद्देश्य और अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली (मेथोडोलॉजी)।
- परियोजना की विस्तृत समय-सीमा (शुरुआत, अंतरिम रिपोर्ट, प्रेजेंटेशन और अंतिम रिपोर्ट जमा करने की तिथियां)।
- लागत का विस्तृत मदवार विवरण।
- न्याय विभाग द्वारा निर्धारित प्रारूप में उपयोगिता प्रमाण पत्र (फंड निकासी के समय)।
- अंतिम परियोजना रिपोर्ट (अंतिम 10% भुगतान प्राप्त करने के लिए)।
आवेदन कैसे करें
- 1चरण 1: न्याय विभाग के राष्ट्रीय न्याय वितरण और कानूनी सुधार मिशन द्वारा विषयों पर प्रस्ताव आमंत्रण की प्रतीक्षा करें।
- 2चरण 2: उद्देश्य, कार्यप्रणाली, समय-सीमा और बजट विवरण के साथ एक व्यापक परियोजना प्रस्ताव तैयार करें।
- 3चरण 3: तैयार प्रस्ताव को सीधे न्याय विभाग, राष्ट्रीय न्याय वितरण और कानूनी सुधार मिशन को जमा करें।
- 4चरण 4: प्रस्ताव को विचार और अनुमोदन के लिए परियोजना स्वीकृति समिति के समक्ष रखा जाएगा।
- 5चरण 5: अनुमोदन के बाद, विधि और न्याय मंत्रालय के एकीकृत वित्त प्रभाग से वित्तीय मंजूरी और किश्त जारी होगी।
- 6चरण 6: तय समय पर काम पूरा करें, अंतरिम रिपोर्ट दें और अंतिम 10% राशि के लिए अंतिम रिपोर्ट व उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
SARSJR योजना के तहत अधिकतम कितनी राशि मिलती है?+
योजना के तहत सामान्यतः अधिकतम ₹25,00,000 तक की वित्तीय सहायता मिलती है, जिसे विशेष मामलों में समिति द्वारा बढ़ाया जा सकता है।
क्या कोई भी व्यक्ति या छात्र सीधे आवेदन कर सकता है?+
नहीं, यह योजना केवल चिन्हित और आमंत्रित शैक्षणिक व अनुसंधान संस्थानों के लिए है, व्यक्तिगत रूप से आवेदन नहीं किया जा सकता।
क्या राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLU) इस योजना के लिए पात्र हैं?+
हाँ, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय इस योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए सीधे पात्र संस्थानों में शामिल हैं।
योजना की राशि का भुगतान कैसे किया जाता है?+
सहायता राशि किश्तों में दी जाती है, जिसमें से कम से कम 10% राशि अंतिम रिपोर्ट स्वीकार होने के बाद ही जारी की जाती है।
क्या आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है?+
नहीं, इसके लिए कोई खुला ऑनलाइन पोर्टल नहीं है; विभाग द्वारा आमंत्रित किए जाने पर ऑफलाइन प्रस्ताव भेजा जाता है।
NaukriZila सरकारी वेबसाइट नहीं है। केवल आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें; सरकारी योजना के लिए किसी को पैसे न दें। स्रोत: myScheme (Government of India)